सच्ची घटना पर आधारित 19 वर्ष के लड़को द्वारा बनाई शार्ट फिल्म ‘सोच-आलय’ दे रही है समाज में सकारात्मक संदेश

वाराणसी। एक बहुत अच्छी सोच लिए दो युवा फिल्मकार आपनी कला से समाज में बदलाव लाने निकल चुके हैं जिनकी पहली कदम है शार्ट-फिल्म ‘सोच-आलय’। शार्ट-फिल्म बिहार के उत्तम सिन्हा के जीवन में घटित एक सच्ची घटना पर आधारित है। उत्तम सिन्हा सार्वजनिक शौचालय में लिखी अभद्र गंदगी को साफ करते हैं। ट्रेन, पार्क, सरकारी कार्यालय, बस स्टैंड,आदि की शौचालयों की दीवारों की सफाई करते हुए अब तक 250 से अधिक ट्रेनों के शौचालयों में दीवारों पर लिखी अभद्र चीजो को साफ कर चुके हैं। ये शार्ट-फिल्म उसी घटना पर आधारित है जब इस नेक काम की शुरूवात हुई।

काशी के युवा फिल्म निर्देशकने चुनी यह कहानी

काशी के युवा फिल्म निर्देशक राणा अंशुमान सिंह ने इस कहानी को चुना और इसे शार्ट-फिल्म का रूप दिया जिसमे ‘शशि प्रकाश चंदन’ ने ‘मंचदूतम नाट्य संस्था’ के कलाकारों को इस फिल्म से जोड़ा और फिल्म निर्माण में कदम-कदम पर साथ दिया। ‘साइजएब्ल इनश्योरेंस कंपनी’ और ‘थर्ड आॅय मीडिया पिक्चर्स’ ने भी युवाओ के इस नेक पहल में अपना योगदान दिया। शार्ट-फिल्म में ‘अजय रोशन’ उत्तम सिन्हा की भूमिका में हैं और ‘ज्योति’ उत्तम की पत्नी की भूमिका निभा रहीं हैं। इनके साथ ‘नव्या’ उत्तम की बेटी की भूमिका निभा रहीं हैं। युवा पत्रकार ‘मोनेश श्रीवास्तव’ एक लेखक की भूमिका में हैं और शशि प्रकाश चंदन एक यात्री की भूमिका निभा रहें हैं। शार्ट-फिल्म यूट्यूब पर 26 फरवरी को ‘सिसोदिया फिल्म’ चैनल पर आई और पिछले हफ्ते अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में चयनित होने के बाद रविवार 9 जून को शार्ट-फिल्म फेसबुक पर भी उपलब्ध कराई गयी। कई लोगो ने फिल्म को सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। दोनों युवा अब अपनी अगली फिल्मों पर काम कर रहें है।

Related posts