ऐसे थानेदार की ‘दरकार’ जोकर सके शराब और पशु तस्करों पर ‘प्रहार’, रामलीला के समय खाली हुआ थाना

वाराणसी। रामनगर की पहचान विश्वविख्यात हो चुकी रामलीला के चलते होती है लेकिन पिछले दिनों यह दूसरे कारणों को लेकर सुर्खियों में आचुका है। चंदौली पुलिस ने लक्जरी कार के साथ शराब तस्करों को दबोचा तो उन्हें छुड़ाने के लिए रामनगर थाने के सिपाही मारपीट पर उतारू हो गये। मामलू तूूल पकड़ा तो सिपाहियों की गिरफ्ताारी के संग पड़ताल शुरू हुई जिसमें चौंकाने वाले खुलासे होने लगे। कार्रवाई का चक्र थानेदार तक पूरा हो चुका है लेकिन शासन ने जिस तरह गंभीरता से लिया है उससे साफ है कि यह रुकने वाला नहीं है। ऐसे में यहां की खातिर एक ऐसे थानेदार की तलाश हो रही है जो शराब और पशु तस्करों के संग अवैध कारोबार को संरक्षण देने वाले वर्दीधारियों की नकेल कस सके।

चल रहा मंथन लेकिन नहीं बन रही सहमित

रामलीला आरम्भ होने के बाद रोजाना हजारों की संख्या में लोग इसे देखने के लिए गंगा पारकर आते हैं। त्योहारों का सिलसिला आरम्भ होने को है जिससे संवेदन शीलता और बढ़ गयी है। ऐसे में रामनगर थाना खाली चल रहा है। इसके लिए शीर्ष स्तर पर मंथन भी चल रहा है लेकिन किसी एक के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। थाना प्रभारी के निलंबन के चार दिन होने को हैं लेकिन लग रहा है कि जल्द ही कोई चौकाने वाला नाम प्रभारी के रूप में सामने आयेगा। 

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