वाराणसी। जिले के कई थानों की पुलिस इन दिनों कानून-व्यवस्था के मोर्चे को छोड़कर सैयदराजा के भाजपा विधायक सुशील सिंह का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। वजह, सीधे लखनऊ से एक-एक मामले की रिपोर्ट मांगी गयी है। दरअसल हाईकोर्ट ने विधायक को लेकर दाखिल एक याचिका में प्रदेश के मुख्य सचिव को तलब कर लिया है। मुख्य सचिव की तरफ से 7 मई को हलफनामा दिया जाना है जिसके चलते समूची कवायद चल रही है। इसमें वह मामले भी शामिल हैं जिनमें विधायक बरी हो चुके हैं। कोर्ट से इनकी नकल निकलवाने के संग पुलिस लंबित मामलों की प्रगति रिपोर्ट भी तैयार कर रही है। गौरतलब है कि इन दिनों विधायकों को लेकर कोर्ट के तेवर सख्त हैं और पिछले दिनों कुलदीप सेंगर के मामले में हुई किरकिरी के बाद शासन इस मामले में कोई रिस्क नहीं ले रहा है।

रामबिहारी चौबे हत्याकांड को लेकर है याचिका

बताया जाता है कि एमएलसी बृजेश सिंह के करीबी रहे रामबिहारी चौबे की हत्या को लेकर याचिका दायर की गयी है। पिछले साल इस मामले का खुलासा होने के बाद स्व. चौबे के पुत्र अमरनाथ ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इस मामले में अजय मरदह समेत तीन की गिरफ्तारी के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। आरोपितों की जमानत के बाद अमरनाथ ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया और सीबीआई जांच की मांग करते हुए विधायक पर फिर से संगीन आरोप लगाये।

केन्द्र से मिली है सुरक्षा

तीसरी बार विधायक चुने गये सुशील सिंह को प्रदेश से गनर ही नहीं बल्कि केन्द्र की तरफ से वाई श्रेणी की सुरक्षा मिली है। अत्याधुनिक असलहों से लैस एक दर्जन सुरक्षाकर्मी का काफिला उनके साथ चलता है। बाहुबली कहे जाने वाले सुशील के पिता स्व. उदयनाथ सिंह चुलबुल भाजपा के एमएलसी थे जबकि चाचा बृजेश सिंह एमएलसी हैं।

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