पुलिस ने नहीं सुनी गुहार तो तलवार-गडासे से काट डाला गया पूरा परिवार, मौके परतीन की मौत और तीन अन्य गंभीर

मऊ। जमीन के विवाद में शिकायत की अनदेखी करना पुलिस के कितना गंभीर हो सकता है इनका नमूना मठिया गांव (रानीपुर) में शुक्रवार की आधी रात को देखने को मिला। गांव के हुड़हरा मौजे में आधी रात के बाद शिवचंद चौहान के घर धारदार हथियारों से लैस आधा दर्जन से अधिक हमलावरों ने धावा बोल दिया। आधी रात को अचानक हुए हमले में शिवचंद चौहान (45) के साथ उनकी पत्नी गीता (40) ने घातक वार के चलते मौके पर ही दम तोड़ दिया। गंभीर रूप से जख्मी शिवचंद्र के पिता देवकी चौहान (70) को इलाज के लिए वाराणसी रेफर किया गया लेकिन रास्ते में ही मौत हो गई। शिवचंद के दोनों बेटों राजा और गोलू को भी गंभीर चोटें आई हैं और उनकी दशा स्थिर बनी है। वारदात को अंजाम देकर मौके से भाग रहे विरोधी टुनटुन चौहान को घरवालों और पड़ोसियों ने घेर लिया। जमकर पिटाई के चलते मौके पर ही उसकी भी मौत हो गई। तिहरे हत्याकांड के बाद कार्रवाई के क्रम में पुलिस ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए एक दर्जन को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस चौकी पर तहरीर देकर लगायी थी गुहार

मठिया गांव के हुड़हरा मौजा निवासी पट्टीदार देवकी चौहान और टुनटुन चौहान के बीच काफी समय से भूमि विवाद चल रहा था। वारदात के बाद मौके पर पहुंचे एसपी अनुराग आर्या के सामने परिवार के साथ गांव वालों ने इसके लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराया। आरोप है कि मृतक शिवचंद चौहान ने स्थानीय पुलिस चौकी पर जान माल के खतरे का अंदाशा जताते हुए  तहरीर दी थी। स्थानीय पुलिस ने पूरी तरह से अनसुना कर दिया। यही नहीं इसकी जानकारी दूसरे पक्ष को दे दी। टुनटुन चौहान ने पूरे परिवार को खत्म करने के लिए योजना बद्ध तरीके से हमला बोल दिया।

इलाके में तनाव, फोर्स तैैनात

इस सनसनसी खेज वारदात केबाद से सिर्फ मठिया ही नहीं बल्कि आस पास के गांवों में तनाव का माहौल है। दोनों ही पक्षों से जुड़े रिश्तेदार और करीबी लामबंदहो गये हैं। फौरी कार्रवाई के तहत चारों मृतकों के शवों को पोस्ट मार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। दोनों घायल बच्चों को इलाज के लिए ट्रॉमा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया है। क्षेत्र में स्थिति तनावपूर्ण देखते हुए फोर्स तैनात की गयी है।

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