वाराणसी। ककरमत्ता (भेलूपुर) निवासी अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह से रंगदरी के रूप में 20 लाख रुपये मांगने वाला कोई पेशेवर अपराधी नहीं था। बावजूद उसने इसकी खातिर फूलप्रूप प्लानिंग की थी। रंगदारी मांगने वाले जिम संचालक चंद्रहास सिंह उर्फ सीपू की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में चंकाने वाले खुलासे हुए हैं। एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने गिरफ्तार आरोपित को मीडिया के सामने पेश करते हुए बताया कि क्राइम ब्रांच और भेलूपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने सर्विलांस की मदद से मूल रूप से औराई (भदोही) के गिर्द बड़ागांव निवासी चंद्रहास सिंह उर्फ सीपू को धर-दबोचा।

चोरी का मोबाइल कर देता था बंद

पूछताछ में सीपू ने कबूल किया कि पिछले दिनों वह मुंबई गया था। वापसी में ट्रेन के एसी कोच में सो रहे एक युवक का मोबाइल पार कर दिया। इसे लेकर वह घर आ गया था। फिल्में और क्राइम के सीरियल देखने के शौकीन ने इस मोबाइल का इस्तेमाल वकील से रंगदारी मांगने की खातिर किया। उसके करीबियों ने बताय था कि वकील अचानक पैसे वाला हो गया लेकिन डरपोक है जिससे धन दे सकता है। सीरियल में उसने देखा था कि पुलिस सर्विलांस के जरिए आरोपी तक पहुंच जाती थी जिससे बचने की खातिर फोन का प्रयोग धमकी देने के बाद नहीं करता बल्कि इसे स्विच आॅफ कर देता था।

अधिवक्ताओं ने किया पुलिस टीम को सम्मानित

घटनाक्रम को लेकर वकील खासे नाराज थे और विरोध-प्रदर्शन भी किया था। आरोपित को पकड़ने की खातिर एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्रनाथ के निर्देशन में सीओ भेलूपुर सत्येंद्र तिवारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। बहरहाल पुलिस के खुलासे से वकील प्रफुल्लित थे। अनूप सिंह के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने एसएसपी सहित पूरी टीम को फूल मालाओं और स्मृति चिन्ह से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस तरह की त्वरित कार्रवाई से पुलिस पर वकीलों का विश्वास बढ़ा है। टीम में प्रभारी क्राइम ब्रांच विक्रम सिंह और इंस्पेक्टर भेलूपुर प्रवीण कुमार सिंह समेत अधीनस्थ शामिल थे।

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