वाराणसी। प्रशासन की नीति स्पष्ट न होने के साथ अधिकारियों को विरोधाभासी बयानों से काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के नागरिक काफी डरे हुए हैं। उनका कहना है कि मंदिर प्रशासन से जुड़े लोग उन्हें अपना मकान बेचने के लिए मानसिक तौर पर दबाव डालने के साथ परेशान कर रहे हैं। मंदिर प्रशासन के लोगों के अलावा क्षेत्र में कई दलाल भी सक्रिय हो गये हैं। इससे लोगों में काफी डर बना हुआ है। यह बातें धरोहर बचाओ समिति के बुधवार को जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों ने कहीं। इस पर समिति ने उन्हें आश्वस्त किया कि यदि वे अपना मकान नहीं बेचना चाहते हैं तो कोई जबर्दस्ती नहीं कर सकता। यदि उनके साथ जोर-जबर्दस्ती की जाती है तो समिति उनके साथ खड़ी रहेगी। जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों से मकान न बेचने की अपील की गयी।

कई मकानों की हो चुकी है रजिस्ट्री

गौरतलब है कि सरकार ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर के तर्ज पर काशी विश्वनाथ मंदिर के सुंदरीकरण और विस्तारीकरण की योजना बनायी है। इसके पहले चरण में मंदिर के पास के 167 मकानों को खरीदने की योजना है। मंदिर प्रशासन अब तक कई मकानों की रजिस्ट्री कराकर तोड़ चुका है। इस योजना के शुरू होते ही क्षेत्र में जबर्दस्त विरोध भी शुरू हो गया। इलाकाई लोग इस विनाशकारी योजना के खिलाफ पिछले एक महीने से आंदोलनरत हैं। नागरिक सभा, मौन जुलूस, काला दिवस समेत अन्य तरीकों से इस योजना के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। समिति ने मंगलवार से क्षेत्र में जनसंपर्क अभियान शुरू किया है। अभियान के दूसरे दिन लोगों से संपर्क करने पर मालूम हुआ कि लोग इस वक्त काफी दबाव और दहशत में जी रहे हैं। जनसंपर्क अभियान में वरिष्ठ पत्रकार व काशी विशालाक्षी मंदिर के महंत राजनाथ तिवारी, काशी विश्वनाथ मंदिर के महंत राजेंद्र तिवारी, कृष्णकुमार शर्मा, राजकुमार कपूर, रविकांत यादव, महेश उपाध्याय, शरद पांडेय, सोनू कपूर, लालजी सेठ की उपस्थिति रही।

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