चंदौली। एक सप्ताह पहले कटरिया फ्लाईओवर (अलीनगर) के समीप विजय ट्रांसपोर्ट के आफिस गेट पर बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने कई राउंड हवाइ फायरिंग की थी। गोली चलाए के संग ट्रांसपोर्ट के मालिक दिलीप यादव तथा उनके भाई अनिल के सामने धमकी भरा पत्र फेंक कर बदमाश भाग निकले। रंगदारी की मांग किसी बाबर गिरोह ने की थी जिसकी जानकारी पुलिस जुटा रही थी। पुलिस को सुराग मिलता इससे पहले 17 अप्रैल की दोपहर दिलीप के मोबाइल पर एक कॉल आयी जिसमें कहा कि देवरिया जेल में बंद अजय भाई ने कहा है कि एक हफ्ते में रंगदारी के रूप में डेढ़ करोड़ की रकम नहीं दी तो इस बार गोलियां गेट पर नहीं बल्कि सीने पर बरसेंगी। इस क्लू पर पुलिस ने पुराने रिकार्ड खंगाले तो स्पष्ट हुआ कि 2015 से देवरिया जेल में निरुद्ध अजय यादव ही बाबर गिरोह का सरगना है और गुर्गों को वसूली के लिए भेजा था। मुठभेड़ के दौरान फायरिंग करने वाले दबोचे गये जिन्हें सोमवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए एसपी संतोष कुमार सिंह ने टीम को 10 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की।

नेटकालिंंग से गुर्गों के सम्पर्क में रहता सरगना

एसपी के मुताबिक ट्रान्सपोर्ट कम्पनी के गेट पर फायरिंग करने वालों के बारे में सुराग मिलने पर आरोपितों की तलाश की जा रही थी। गिरोह से जुड़े देवराज मौर्या निवासी रुपौंधा अदलहाट (मीरजापुर),अभय कुमार मौर्या गुटेर राबर्ट्सगंज (सोनभद्र) था सूरज कुमार उर्फ गोलू निवासी औरंगाबाद लक्सा (वाराणसी) को दबोचा गया। तलाशी में दो रिवाल्वर,खोखा-कारतूस व पांच मोबाइल मिलने पर कड़ाई से पूछताछ की गयी। बदमाशों ने कबूल किया कि सरगना समेत गैंग के दूसरे सदस्य भी आपस में वाट्सअप के जरिये एक दूसरे से सम्पर्क करते थे एवं बात किया करते थे। सभी का आपराधिक इतिहास है और पहले भी कई मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं।

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