रिटायर्ड अफसर तक नहीं भांप सके ‘किरायेदार’ की हकीकत, बीएचयू में धराया ‘आईबी’ अधिकारी तो सामने आये यह ‘राज’

वाराणसी। साकेत नगर कालोनी (लंका) में रहने वाले एक रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी ने अपना मकान जिसे किराये पर दिया था उसने खुद को आईबी अफसर बताया था। फर्राटेदार अंग्रेजी में उसने कुछ ऐसा माहौल बनाया कि लगा वह तेर-तर्रार अधिकारी है। एक महिला के संग लिव इन में रहने वाले इस युवक को लंका पुलिस ने रविवार को दबोचा तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। लंका थाने में मीडिया के सामने गिरफ्तार कुशवत्स को पेश किया गया तो उसने अपने गुनाह कबूल किये। इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी के मुताबिक मूल रूप से समस्तीपुर (बिहार) निवासी कुशवत्स दरअसल रेलवे से एक रिटायर्ड अधिकारी का पुत्र है। आंध्रप्रदेश से बीटेक करके एयरटेल में जॉब करता था लेकिन नौकरी छूट गयी तो घरवालों को इसकी जानकारी दिये बगैर गलत तरीके से धन कमाने की योजना बनायी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने की थी पड़ताल

गौरतलब है कि लंका पुलिस को शिकायतें मिली थी कि बीएचयू में खुद को इंटलिजेंस अधिकारी बताने वाला उगाही कर रहा है। सीओ भेलूपुर के मुताबिक इस पर एसआई सूरज तिवारी और एसआई शैलेन्द्र सिंह के साथ टीम को इस मामले की पड़ताल का टास्क दिया गया था। आरम्भिक जांच में आरोप प्रमाणित होते प्रतीत हुए कि बीएचयू में छात्र छात्राओं के शोषण और वसूली करने में फर्जी आईबी अधिकारी संलिप्‍त था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पुलिस इस पहलू की जांच कर रही है कि फर्जीवाड़े के इस गोरखधंधे में महिला का क्या रोल था। उससे भी पूछताछ की जा रही है कि दरअसल ठगी के इस कारोबार में और कौन लोग थे।

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