वाराणसी। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान की वाराणसी इकाई द्वारा बनारस के विभिन्न ग्रामीणांचलों में प्रशिक्षणों द्वारा सब्जी एवं नई तकनीकों का आगाज किया गया जो बदलते बनारस को नई ऊचाईयों पे ले जाने में एक मील का पत्थर साबित हो रहा है। इस कड़ी में गुरुवार को सेवापुरी ब्लाक की न्याय पंचायत कपसेठी,ठठरा तथा नवादा में कृषक गोष्ठियों का आयोजन किया गया। हर ग्राम पंचायत से प्रधानों सहित लगभग पांच सौ किसानों ने बड़े उत्साह के साथ प्रतिभाग किया एवं इन कार्यों को काफी सहारा। किसावों ने बताया कि आपके द्वारा दिये गये सब्जी बीजों को उचित समय पर उगाकर हम अपने निकटतम बाजार से अच्छा मुनाफा कमायेंगे और आपके संस्थान का भ्रमण करेगें। साथ ही किसानों ने वहाँ पर उपस्थित अधिकारीगणों से सब्जी मटर एवं गुणवत्तायुक्त गेहूं के बीजों की आपूर्ति करने के लिए प्रार्थना की तथा इस तरह के प्रशिक्षण और भी कराने के लिए निवेदन किया। अन्य संस्थाओं जैसे आईआईडब्ल्यूवीआर करनाल, आईआईपीआर कानपुर, एनबीएआईएम मऊ एवं आईएएस बीएचयू से आये विशेषज्ञों ने इस पहल को काफी उचित बताया और कहा कि भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी ने बदलते बनारस के परिवेश में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

समाज के उत्थान में है सशक्त भूमिका

संस्थान के निदेशक डा. बिजेन्द्र सिंह द्वारा चलाये जा रहे इस अभियान को विविधत अन्य ब्लाकों में भी कई कड़ियो में कराने का ब्लू प्रिंट तैयार कर वैज्ञानिकों द्वारा विभिन्न स्तरों पर कराया जा रहा है। संस्थान की अगुवाई में इस तरह के कार्यक्रम केवल सब्जी कृषि करण पद्धतियों का समेकित अवलोकन ही नहीं अपितु समाज के उत्थान में भी एक सशक्त भूमिका अदा करता है। इसमें शिवमोहन, सुभाष मौर्य, सियाराम केसरी, जवाहरलाल पटेल, सुरेन्द्र बिन्द, रूपनारायण पटेल, विनोद कुमार जायसवाल, वंशराज, राजनाथ सिंह, सुश्री विमला देवी, राधेश्याम एवं सुश्री विद्यावती देवी ग्राम प्रधान एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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