जौनपुर। मऊ सदर के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी लगभग डेढ़ दशक से जेल की सलाखों के पीछे हैं लेकिन उनका खौफ पूर्वांचल में बरकरार है। बावजूद इसके खेतासराय कस्बे के दो डाक्टरों और एक आभूषण व्यवसायी से मुख्तार के नाम पर रंगदारी मांगी गयी तो पुलिस सहसा इस पर विश्वास नहीं कर सकी। वजह, मांगी गयी रकम सहज दो लाख रुपये थी। बहरहाल इस सनसनीखेज मामले का गुरुवार को पुलिस ने पटाक्षेप कर दिया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर रंगदारी मांगने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। बाद में संबंधित कोर्ट में पेशी के बाद सभी को जेल भेज दिया।

एक हफ्ते में आये थे कई फोन

शाहगंज कोतवाली में मीडिया से बातचीत में सीओ अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों ने 18 नवम्बर को शाम बीएम हास्पिटल के संचालन डा.सालिम और हबीब हास्पिटल के संचालक डा.मो.शौकत खान के मोबाइल पर काल करके रंगदारी के तौर पर दो-दो लाख रुपये की मांग की थी। यही नहीं 26 नवम्बर को आभूषण व्यवसायी दिलीप कुमार को फोन करके दो लाख की रंगदारी मांगी। रंगदारी की लगातार हो रही मांग से लोग दहशत में आ गये। खेतासराय पुलिस से इसकी लिखित रूप से शिकायत की। प्रकरण पुलिस के संज्ञान में आया तो एसपी दिनेश पाल सिंह ने मामले को गम्भीरता से लिया और अपराधियों को पकड़कर मामले का जल्द खुलासा करने का टास्क सौंपा।

पुराने शातिर निकले गिरफ्तार आरोपित

खेतासराय प्रभारी निरीक्षक जगदीश कुशवाहा इस दौरान एक दर्जन अधिक लोगों से पूछताछ की। सर्विलांस से मिले सुराग पर छापेमारी में रंगदारी मांगने वाले तीनो आरोपित पुलिस के हत्थे चढ़ गये। गिरफ्तार आरोपित अरंद गांव (शाहगंज) निवासी बेलाल अहमद, मो.कलीम और जमीरुद्दीन ऊर्फ बुन्नू हैं। इनके पास से एक स्कार्पियो और एक मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपित शातिरअपराधी हैं। इन पर शाहगंज और खेतासराय थाने में कई संगीन मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तारी करने वाली टीम में प्रभारी सर्विलांस अगमदास, प्रभारी स्वाट टीम अजीत सिंह, शाहगंज कोतवाली के एसआई शिवप्रकाश वर्मा व कांस्टेबल शामिल थे।

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