घर में मां की पड़ी थी लाश, 5 महीने से बेटे उठा रहे थे पेंशन

वाराणसी। पैसे के लालच में आदमी किस हद तक गिर सकता है, इसकी बनगी देखने को मिली वाराणसी में। पेंशन के पैसे के लिए एक मां की पांच संतानें शैतान बन गए। घर में पांच महीने तक मां की लाश पड़ी थी लेकिन पेंशन के लालच में बच्चे उनका अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। बुधवार को जब मामले का खुलासा हुआ तो पड़ोसियों के नीचे से मानो जमीन खिसक गई।

पड़ोसी लाए थे कफन, बेटा बोला जिंदा है मां…

मृतक अमरावती के पति कस्टम डिपार्टमेंट में सुप्रीडेंट के पद पर कार्यरत थे। उनके पांच लड़के और एक लड़की है। रिटार्यरमेंट के कुछ सालों बाद उनके पति की मौत हो गई। सरकारी नियमानुसार अमारवती को पेंशन मिलता था। इसी बीच जनवरी महीने में तबीयत खराब होने पर अमरावती को बीएचयू भर्ती कराया गया लेकिन 13 जनवरी को उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद अमरावती के चार बेटे और बेटी ने एक ऐसी साजिश रची जिसने हर किसी को दंग कर दिया। बच्चों ने अपनी मां के मौत की खबर को झूठा बताया। अमरावती के पड़ोसियों के मुताबिक जब उन्हें मौत की खबर मिली तो वे घर पहुंचे लेकिन बेटों ने ये कहते हुए उन्हें लौटा दिया कि मां जिंदा है। यही नहीं जब कभी कोई शख्स अमरावती से मिलने के लिए जाता तो बेटे मिलने नहीं देते थे। कोई न कोई बहाना बनाकर वापस लौटा देते।

पांच महीने तक लेते रहे पेंशन

दुनिया को मां के जिंदा रहने की खबर फैलाकर बच्चे पेंशन उठाते रहे। हालांकि पड़ोसियों को शक जरूर था लेकिन वे हकीकत से अच्छी तरह वाकिफ नहीं थे। इसी बीच बुधवार अभिषेक नाम के एक शख्स ने 100 नंबर पर फोन डायल कर मामले की पूरी कहानी पुलिस को बताई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर की छानबीन की तो मामला सही निकला। हालांकि इसके बाद भी अमरावती की बेटी ये कहती रही कि उसकी मां जिंदा हैं। उनकी सांसें चल रही हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सीओ भेलूपुर के मुताबिक मामले की जांच की जा रही है।

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