नाबालिग ने सौतेली मां को चाकू से रेत कर मौत के घाट उतारा, ब्लाक प्रमुख की दावेदारी कर चुकी थी बीडीसी मृतका

सोनभद्र। ग्राम पंचायत कचनरवा (कोन) गुरुवार को दिल दहला देने वाली वारदात हुई। डीपीएस में 11 वीं में पढ़ने वाले विष्णु गुप्ता ने अपनी सौतेली मां रागिनी (28) को चाकू से रेत कर मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद आसपास के लोगों ने बचाव की गुहार सुनीतो आरोपित को पकड़ कर पुलिस के सुपुर्त कर दिया। विष्णु के पिता शिव नारायण गुप्ता हरिश्चंद्र इंटर कालेज के प्रबंधक हैं और अपने कालेज में पढ़ने वाली रागिनी से उन्होंने छह साल पहले दूसरा विवाह रचा लिया था। विष्णु की मां समेत सभी परिजनों ने काफी विरोध किया लेकिन शिव नारायण ने किसी की एक नसुनी।

पिता के बदलते बर्ताव कामानता था जिम्मेदार

शिव नारायण के पहली पत्नीसे दो पुत्र और एक पुत्री हैं। परिवार को लगता था कि अपने सेकाफी कमउम्र की युवती के साथ विवाह के बाद उसका बर्ताव बदलता जा रहा है। पहली पत्नी के साथ शिव नारायण कचनरवा में रहता था जबकि पहली पत्नी और उसके बच्चे गौराइ क्षसगा में। देखने में मामला सामान्य होते दिखता था लेकिन अंदर आग सुलग रही थी। बच्चों को लगा था कि इसके लिए रागिनी जिम्मेदार है। डीपीएस वाराणसी में 11वीं में पढ़ते हुए विष्णु हमेशा सौतेली मां को रास्ते से हटाने की प्लानिंग करता था। उसे पता चला कि मां के साथ पिता झारखंड गया है और सौतेली मां अकेली है। बस पकड़कर वह कचनरवा आया सैतेली मां को आवाज दी। चैनल खुलने के साथ चााकू से वार करने शुरू कर दिये और मरने तक वार करता रहा।

राजनैतिक महत्वाकांक्षा पूरी नहीं हुई

जिस कालेज में पढ़ाई करती थी उसके प्रबंधक के साथ पहली पत्नी के रहते दूसरा विवाह करने के बाद रागिनी ने राजनीति में सक्रिय होने के लिए भरपूर प्रयास किये। शिवनारायण ने भी साथ देते हुए क्षेत्र पंचायत कचनरवा से रागिनी को बीडीसी का चुनाव लड़ाया। जीत के बाद चोपन ब्लाक प्रमुख के लिए दावे दारी कर दी लेकिन सफल नहीं हो सकी। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद नये सिरे से जोर लगाया गया जिसके तहत ब्लाक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्तावभी लाया लेकिन इस दफा भी सफलता नहीं मिल सकी। 

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