आजमगढ़। ऐसा सपा और बसपा के शासनकाल में होता तो भाजपाई वर्ग विशेष के दबाव में किया फैसला बता कर बवाल कर देते। सूबे में योगी की सरकार होने के बावजूद थाने में युवती के साथ घर में घुसकर दुष्कर्म के मामले में पंचायत की नहीं हुई बल्कि तालिबानी फैसला भी करते हुए इसका अनुपालन आनन-फानन में करा दिया गया। मामला तूल पकड़ने के बाद अब पुलिस सफाई की मुद्रा में आ गयी है। पुलिस का कहना है कि दोनों ही पक्ष सुलह-समझौते के बाद निकाह के लिए राजी हो गए। इसके अलावा तहरीर भी नहीं दी गयी थी। यही कारण था इनका निकाह करा दिया गया।

भोजन करने घर गया था आरोपित

बताया जाता है कि मूल रूप से मऊ निवासी अफजल अमीरी (38) काफी दिनों से रौनापार क्षेत्र के एक गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ाने के संग बच्चों को मजहबी तालीम देता था। गांववाले भी मौलाना को घर पर बुलाकर भोजन कराते थे। काफी समय से चल रहे सिलसिले के क्रम में पहली दिसंबर को अफजल गांव के एक व्यक्ति के यहां भोजन करने गया था। इस परिवार के अन्य लोग कहीं गए थे और घर में सिर्फ 18 वर्षीय युवती थी। आरोप है कि मौके का फायदा उठाते हुए मौलाना ने युवती से दुष्कर्म किया। घरवालों के लौटने पर पीड़िता ने घटनाक्रम की जानकारी दी। थाने तहरीर दी गयी तो पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए मौलाना को उठा लिया।

रहा दबाव या हुई डील

इसकी जानकारी मिलने पर बिरादरी के तमाम थाने पर जुट गये। पीड़ित परिवार रपट दर्ज कराने पर अड़ा था लेकिन कुछ लोगों ने हस्तक्षेप करते हुए दोनों का निकाह कराने के लिए पंचायत बैठा दी। थाने में घंटो चली पंचायत में दोनों पक्षों के लोग राजी हो गए। गेट पर स्थित एक दुकान पर दोनों का निकाह पढ़ा दिया गया। चर्चाओं की माने तो इसे लेकर डील हुई थी लेकिन पुलिस इनकार कर रही है।

admin

No Comments

Leave a Comment