बलिया। सीएम योगी की मंगलवार को पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में हुई सभा में भाषण से अधिक एक मुस्लिम महिला का बुर्का पुलिस द्वारा उतरवा देने का मामला वायरल होने लगा है। सोशल मीडिया से लेकर सूबे की राजधानी तक इसकी गूंज सुनाई दे रही है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविन्द चौधरी ने इसे सीधे नारी का अपमान करार दिया है। मामला तूल पकड़ते देख डीएम सुरेंद्र विक्रम ने सिटी मजिस्ट्रेट को प्रकरण की जांच का आदेश दिया है। डीएम का कहना है कि बुर्का उतरवाने की जानकारी उन्हें सुबह अखबार से हुई। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट को मामले की जांच कर दो दिनों के अंदर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।

काले रंग को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रही थी पुलिस
गौरतलब है कि सीएम की जनसभा में काला कपड़ा पहनकर आने वालों लोगों पर पुलिस की खास निगाह थी। इसके चलते तमाम लोगों, छात्रों को सभा स्थल से बाहर ही रोक दिया गया था। इस बीच बुर्का पहने एक महिला सभा स्थल पर आई और कुर्सी पर बैठ गई। कुछ देर बाद वहां पुलिस पहुंच गयी और उसका बुर्का उतरवा दिया। यही नहीं काला जैकेट काला कोट और काला स्वेटर पहने लोगों को सभा स्थल के अंदर जाने की अनुमति नहीं थी। दर्जनों छात्र सीएम का भाषण सुनने पहुंचे लेकिन अधिकांश के पास काला बैग होने के कारण उन्हें पुलिस ने मैदान में इंट्री नहीं दी थी। इसी तरह ठंड की वजह से कई लोग काला जैकेट पहन कर पहुंचे थे लिहाजा उन्हें भी सड़कों पर ही रह कर भाषण सुनना पड़ा था। दशा यह थी कि कई भाजपा कार्यकतार्ओं पर केसरिया साफा पर काला जैकेट भारी पड़ा और उन्हें भी पुलिस ने कार्यक्रम स्थल तक जाने की अनुमति नहीं दी थी। काला दुपट्टा लिए कई महिलाएं भी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में जाने से वंचित रह गई।

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