प्रधानाचार्य के हत्या की गुत्थी तो सुलझी लेकिन आरोपित पर नहीं हुई सख्ती तो डिप्टी सीएम की भिग्रुटि चढी

सोनभद्र। आदर्श इंटर कॉलेज के प्राचार्य सुरेश यादव की 30 मार्च की अल सुबह मार्निंग वॉक के समय अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। एसपी सलमान ताज पाटिल के मुताबिक सुरेश यादव की हत्या कराने वाला कोई और नहीं बल्कि एक दूसरे पीजी कालेज का प्राचार्य जटाशंकर देव पाण्डेय है। इसके लिए सात लाख की सुपारी दी गयी थी। पुलिस ने गिरफ्तारी भी सात लोगों की है। दूसरी तरफ आरएसएस के पदाधिकारी प्रधानाचार्य की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी जटाशंकर देव पाण्डेय के खिलाफ सख्त विभागीय कार्रवाई के लिए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने निर्देश दिए हैं। खुलासे के बावजूद विभागीय कार्रवाई शुरू न होने पर उन्होंने नाराजगी ही नहीं जतायी बल्कि कार्यप्रणाली सुधारने के भी निर्देश दिये।

पैरवी के शक में खाये थे खार

गौरतलब है कि आरोपित जिस संस्कृत महाविद्यालय में प्राचार्य है उसका प्रबंधन केदार उपाध्याय करते हैं। इसी से जुड़ा आदर्श इंटर कॉलेज भी है जिसके प्रधानाचार्य सुरेश यादव थे। जटाशंकर को शक था कि सुरेश ने उनके खिलाफ कई बार पैरवी की थी जिसके चलते रॉबर्ट्सगंज कोतवाली में कई मामले दर्ज हो गए थे। इससे त्रस्त होकर जटाशंकर ने अपनी रिश्तेदार महिला के जरिये सुपारी देकर हत्या कराना तय किया। सौदा सात लाख का था जिसमें चार काफी पहले ही जटाशंकर दे चुका था। कई दिन रेकी कर पहले रूटीन चेक किया गया फिर 30 मार्च की सुबह अंजाम दिया।

महिला समेत सात हैं गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में सुपारी देने वाले प्राचार्य जटाशंकर देव पांडेय और शूटरों का इंतजाम करने की आरोपित मुठेर गांव निवासी विद्यावती को उठाया। इनसे मिली जानकारी के बाद छापेमारी में वारदात को अंजाम देने में शामिल संदीप उर्फ पाली, श्यामबाबू, लक्ष्मण शर्मा, कुंदन सोनकर और काजू शर्मा को भी धर-दबोचा। मूल रूप से सारनाथ निवासी सुरेश यादव को पिछले साल ही राज्य शिक्षक पुरस्कार मिलना भी साजिशकर्ता को नहीं सुहा रहा था जिससे उसने सुपारी देकर हत्या कराने का ताना-बाना बुना।

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