वाराणसी। ग्राम पंचायतें आर्थिक रूप से बहुत सशक्त हो चुकी हैं क्योंकि 20 हजार की आबादी वाले ग्राम पंचायतों को 14 वें वित्त से प्रतिवर्ष दो करोड़ की धनराशि मिलती है जबकि एक विधायक को एक साल में विधायक निधि से 1.40 करोड़ ही मिलता है। इसलिये ग्राम प्रधान के मात्र सक्रिय होने से गावों की तस्वीर बदल सकती है। सीएम योगी काशी के दो दिवसीय दौरे के अन्तिम दिन रविवार को बड़ा लालपुर स्थित पं.दीनदयाल हस्तकला संकुल में आयोजित ग्राम स्वराज अभियान एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजनान्तर्गत ह्यह्यग्राम प्रधान संवादह्णह्ण कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वाराणसी जिले के 760 ग्राम प्रधानों एवं पंचायत सदस्यों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने पीएम मोदी के सबसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम स्वच्छ भारत अभियान की चर्चा करते हुए कहा कि इस अभियान में अम्बेस्डर के रूप में ग्राम प्रधानों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। गॉवों में स्वच्छता कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने तथा अपने-अपने ग्राम सभाओं को खूले में शौचमुक्त किये जाने हेतु भी ग्राम प्रधानों से अपील की। उन्होने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि गांव की सरकार जागरूक हो जाय तो वहां की तस्वीर बदलने में समय नही लगेगा। गांववासियों की समस्याओं का गांव स्तर पर ही समाधान की खातिर माह के एक दिन ग्राम समाधान दिवस आयोजित होना चाहिये।

60 साल में उतनी योजनाएं नहीं जितनी चार साल में

सीएम ने कहा कि गरीबी हटाओं का नारा 1970 में पहली बार आया, लेकिन देश से गरीबी नहीं हट सकी। आजादी के बाद 60 वर्षो में जितनी योजनायें नहीं चली उससे कही अधिक जनकल्याणकारी योजनायें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 4 वर्ष के कार्यकाल में चलायी गयी है। उन्होने ग्राम प्रधानों से भावनात्मक अपील करते हुए कहॉ कि विकास का कोई विकल्प नही हो सकता है। विकासपरक छवि यदि जनप्रतिनिधि की नही होगी, तो धीरे-धीरे उसकी लोकप्रियता समाप्त हो जायेगा। उन्होने ग्राम प्रधानों से कहॉ कि विधवा, दिव्यांग, किसान आदि पेंशन योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को पेंशन योजना का लाभ, गरीब एवं मजलूम लोगो को राशन कार्ड की सुविधा सहित शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओ का लाभ पात्र लोगो को मुहैया करवाये जाने में वे अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। क्योंकि गांव की सरकार जब तक जागरूक नही होगी, तब तक शासन के इन योजनाओं की सफलता पूरी तरह नही मिलेगी। उन्होने ग्राम सभाओं को आदर्श गॉव बनाये जाने की अपील करते हुए कहा कि पेयजलापूर्ति की समस्या हर स्तर पर समाप्त करने को गांव सभाओं में लगे हैण्ड पम्पों के मरम्मत एवं रिबोर कराये जाने का अधिकार ग्राम प्रधानों को मुहैया कराया गया है। ऐसी स्थिति में गांव का कोई भी हैण्डपम्प बंद नही रहना चाहिये। उन्होने ग्राम सभाओं में पब्लिक एड्रेस सिस्टम एवं सीसीटीवी कैमरा लगवाये जाने हेतु भी ग्राम प्रधानों से अपील किया।

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