नेता चंदौली के लेकिन कांग्रेस ‘मंसूबे’ बांध रही दिल्ली के, चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले दलबदल का सिलसिला ‘चरम’ पर!

वाराणसी। लोकसभा चुनाव के सातवे चरण का प्रचार खत्म होने में एक दिन बचा है। वोटिंग भी तीन दिन बाद होगी लेकिन इससे पहले दलबदल का सिलसिला पूरे जोरों पर है। तैयारी को प्रियंका गांधी के सामने ‘दिग्गज’ नेताओं को शामिल कराने की थी लेकिन उनके पास समय नहीं था और निष्ठा पूरी तरह ‘बदली’ नहीं थी लिहाजा प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर के सामने कोरम पूरा किया गया। इनमें गाजीपुर के चर्चित एमएमली और योगी के करीबी बताये जाने वाले चंचल के परिवार से पूर्व एमएलसी राजदेव सिंह एवं चंदौली के पूर्व सांसद भाजपा नेता आनंद रत्न मौर्य शामिल हैं। इनके असावा जो चौंकाने वाला नाम था वह पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह का था। कांग्रेस से अपना राजनैतिक कैरियर शुरू करने वाले वीरेन्द्र सिंह अब तक लोकतांत्रिक कांग्रेस, बसपा,सपा और भाजपा में भी रह चुके हैं।

सभी का कार्यक्षेत्र दूसरा लेकिन जिता रहे काशी

गौरतलब है कि आनंद रत्न मौर्य तो चंदौली से सांसद रहे हैं जबकि वीरेन्द्र सिंह चिरईगांव और शिवपुर से चुनाव लड़ते रहे। राजदेव का क्षेत्र गाजीपुर रहा। बावजूद इसके सदस्यता ग्रहण करने के बाद तीनों नेताओं ने कहा कि हम सब मिलकर सांप्रदायिक शक्तियों को हराएंगे और अजय राय को वाराणसी का सांसद बनाने में पूरी ताकत झोंक देंगे। अंतिम चरण में चुनाव पूर्वाचल की जिन सीटों पर होना है वहां किसी समय यह सभी नेता प्रभावी रहे हैं लेकिन यहां का नाम तक नहीं लिया। पूर्व मंत्री वीरेन्द्र सिंह ने तो पिछले विधानसभा चुनाव के समय कांग्रेस की ही सदस्यता छोड़ बसपा से शिवपुर के प्रत्याशी बने थे।

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