गाजीपुर। लगभग चार माह पहले माफिया से माननीय बने एमएलसी बृजेश सिंह और उनके लेफ्टीनेंट कहे जाने वाले त्रिभुवन सिंह बहुचर्चित कुंडेसर चट्टी कांड में दोषमुक्त किये गये थे। करीबियों ने इस पर राहत की सांस लेने के साथ जश्न मनाया था। हाईकोर्ट में सेशन कोर्ट के फैसले को चुनौती देने के बाद यह मामला एक बार फिर से खुल गया है। शुक्रवार को एमएलसी और त्रिभुवन सिंह सीजेएम सरोज कुमार यादव की कोर्ट में पेश हुए और अधिवक्ता के माध्यम से जमानत बंधपत्र दाखिल किया। हाईकोर्ट ने इस आशय के निर्देश दिये थे जिस पर फोर्स दोनों को लेकर पहुंची थी। पेशी को लेकर पुलिस खासी सतर्क थी और जनपद की सीमा मे आने से लेकर जाने तक पर पुख्ता सुरक्षा प्रबंधों के साथ आला अफसरों की निगाह बनी थी।

अफजाल अंसारी के प्रचार वाहन पर हुआ था हमला

गौरतलब है ्िक दो मई 1991 को मोहम्मदाबाद के तत्कालीन विधायक अफजाल अंसारी के प्रचार वाहन पर देर रात अंधाधुंध गोलियां बरसायी गयी थी जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। साथ ही कुछ जख्मी भी हुए थे। मामले की सेशन कोर्ट में सुनवाई के बाद जुलाई 2018 में एमएलसी बृजेश सिंह और त्रिभुवन सिंह साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इसके खिलाफ वादी की तरफ से पंकज सिंह ने हाईकोर्ट इलाहाबाद में अपील की। साथ ही इसी पक्ष के राजीव रंजन सिंह ने हाईकोर्ट में एसएलपी दायर की। इसे मंजूर करते हुए हाईकोर्ट ने एमएलसी बृजेश सिंह तथा त्रिभुवन सिंह को को जमानत बंध पत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। आदेश के अनुपालन में दोनों शुक्रवार को सीजेएम कोर्ट में पेश हुए और बंध पत्र दाखिल किया।

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