अपहरण-रंगदारी वसूली आरोपित पूर्व सांसद के समर्थकों को सताने लगा है ‘डर’, जिलाबदर की तर्ज पर न हो जाये ‘जेलबदर’

जौनपुर। सीवर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण करा रही कंपनी के प्रोजेक्टर मैनेजर को अगवा करा कर उससे रंगदारी की डिमांड के आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह के समर्थक कानून का शिकंजा सकता देख सकते में हैं। कहां तो सांसद की तरफ से भाजपा के शीर्ष नेताओं के साथ निकटता का दावा रोजाना किया जाता था लेकिन हकीकत इससे इतर निकली। अपहरण और रंगदारी वसूली का मुकदमा दर्ज होने के बाद जेल की सलाखों के पीछे जाने पर जहां धाराओं में बढोत्तरी हो चुकी है वहीं पूर्व सांसद को जौनपुर से दूसरी जेल शिफ्ट किये जाने की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। सूत्रों की माने तो प्रदेश की राजधानी के निकटस्थ एक जेल में पूर्व सांसद को शिफ्ट किया जा सकता है जहां से उनकी ‘गतिविधियों’ पर नजर रखी जा सके।

अज्ञात में आये न नाम इसलिये कई भूमिगत

लाइन बाजार थाने में पूर्व सांसद धनंजय सिंह और उनके करीबी बिक्रम सिंह की आधी रात के बाद गिरफ्तारी के संग पुलिस ने अपने तेवर दिखा दिये थे। कोर्ट में पेशी के बाद धनंजय को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। इस मामले में दो अज्ञात बदमाश भी दर्शाये गये हैं। इसका नतीजा रहा कि धनंजय के कई करीबी पिछले दो दिनों से मोबाइल बंद कर भूमिगत हो गये हैं। उन्हें लगने लगा है कि पुलिस किसी क्षण गिरफ्तार कर उसी तरह जेल भेज देगी जिस तरह ‘आका’ के साथ किया था।

पार्टी हुई लामबंद, मंत्री के संग अधिसंख्य

संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी होने पर पूर्व सांसद के तेवर नरम नहीं थे। उन्होंने न सिर्फ जिले के एक मंत्री पर कदाचार से लेकर तमाम आरोप मढ़े बल्कि अगले चुनाव तक को लेकर जो टिप्पणी की वह प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचायी जा चुकी है। नतीजा, मंत्री इससे पहले भले अकेले दिख रहे हो लेकिन बदलते घटनाक्रम के बाद पूरी पार्टी पीछे लामबंद दिख रही है। जिल-प्रदेश छोड़िये केन्द्रीय नेतृत्व तक शिकायतें ही नहीं पहुंचायी गयी बल्कि सख्त कार्रवाई के लिए अनुरोध किया गया है। माना जा रहा है कि इस मामले के बाद निरोधात्मक कार्रवाई के तहत भी कागजात तैैयार हो चुके हैं।

Related posts