भदोही। शहर कोतवाली के दरोपुर मुहल्ले में मंगलवार की सुबह जबरदस्त विस्फोट से लोग दहल गये। बाद में स्पष्ट हुआ कि एक आतिशबाज ने अपने मकान को अवैध बारूद के गोदाम में तब्दील कर रखा था जहां धमाका होने से गुड्डू (35) के चिथड़े उड़ गये जबकि तीन महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई। इनमें एक की हालत गंभीर बतायी जा रही है। घायलों को भदोही के महाराजा बलवंत सिंह राजकीय चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। ब्लास्ट की सूचना मिलते ही एएसपी सहित शहर कोतवाल मनोज कुमार पाण्डेय मौके पर पहुंच गये। धमाका इतना जबरदस्त था कि आसपास के घरों की दीवारों में दरार आ गयी। गुड्डू का शव सौ मीटर दूर था जबकि हाथ उड़ पर पांच सौ मीटर।
पटाखे के बारूद से ऐसे धमाके नहीं होते
प्रत्याक्षदर्शियों का कहना था कि मकान की ईंटे उड़ गयी और आसपास के घरों की खिड़कियों के कांच चटक गये। शव के लोथड़े आसपास के मकानों से चिपके थे जिससे भयावह प्रतीत हो रहा था। पटाखे के मामूली बारूद से इस तरह का धमका होता नहीं है। मौके की नजाकत भांपते हुए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। घटनास्थल से अवशेषों को एकत्रित करने के बाद वहां मौजूद पटाखे और बारूद के शेष भंडार को नष्ट कर दिया गया। ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसी अनवरी बेगम (50), ननकी (20) और अख्तरी (40) ने सफाई पेश की खाना बनाते समय एलपीजी सिलेंडर फट गया था।
लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं था
आरम्भिक जांच के बाद पुलिस का कहना था कि मुहल्ला दरोपुर निवासी स्वर्गीय अख्तर अली के नाम से पटाखे के कारोबार का लाइसेंस था। उनकी मौत के बद इसका नवीनीकरण नहीं कराया गया था। यहां पर अवैध रूप से पटाखे का कारोबार होता है। घनी आबादी के इलाके में बारूद के भंडारण की अनुमति नहीं होती। मामले की जांच की जा रही है और फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि धमाका कैसे हुआ था।

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