आजमगढ़। सूबे की सत्ता में आने से पहले भाजपा के प्रमुख एजेंडे में महिलाओं की सुरक्षा थी लेकिन योगी सरकार में महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़ा हो गया। नरवे प्राथमिक विद्यालय द्वितीय (बरदह) पररविवार को पोलियो ड्यूटी करने गयी गांव की महिला शिक्षा मित्र सुधा सिंह पत्नी संतोष को विद्यालय पर तैनात गांव के प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश सिंह ने सिर्फ बाल पकड़ घसीटा बल्कि मारपीट की। इतने पर ही मामला खत्म नहीं हुआ बल्कि आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने दोबारा अपने घर जा कर लड़के आलोक सिंह उर्फ रवि को बुलाया। रवि असलहा लेकर पहुँचा। हेड मास्टर फिर दुबारा गाली गलौज देते हुए महिला को थप्पड़ मारने लगे। इसी दौरान आलोक पिस्टल से महिला को मारने की नीयत दौड़ा लिया। शोर सुनकर गांव वाले पहुंचे तो दोनों बाप-बेटे बाईक से भाग निकले। पीड़िता ने बरदह थाने पर घटना की लिखित तहरीर दी है। बताया जाता है कि पोलियो ड्यूटी के दौरान स्कूल बंद होने का विवाद था। महिला अध्यापक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों की गिरफ़्तारी हो जाने के बावजूद महिला व उसका परिवार दहशत में है। जान-माल की सुरक्षा के लिए पीड़िता ने एसपी अजय साहनी के यहां पंहुच कर गुहार लगायी है।

घटनाक्रम से सहमे छात्र-छात्राएं

शिक्षा के मंदिर में बच्चों के सामने अध्यापक व प्रिंसिपल के बीच हुए मारपीट का क्या असर पड़ता है यह प्राथमिक विद्यालय में हुई वारदात के बाद देखने को मिला। अध्यापक मौजूद छात्रों के सामने जिस तरह से अपशब्दो के साथ मारपीट पर उतर आए कितना शर्मनाक है। घटना के दौरान अफरा तफरी मच गई और छात्र-छात्राये भागने लगे। दोनो ओर से देख लेने की धमकी के साथ आरोपी प्रिंसपल ने जान मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि प्रिंसपल ने न केवल मार पीट की बल्कि उसके साथ अभद्रता की और पिस्टल लहरा कर खौफ दिखाने का प्रयास किया।

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