सपाइयों के सिर चढ़कर बोल रहा है निरहुआ का ‘खौफ’, जिले में आगमन के पहले तैयार की ‘विरोध’ की रणनीति

आजमगढ़। पिछले विधानसभा चुनाव तक भोजपुरी सुपरस्टार दिनेशलाल यादव निरहुआ का जादू सपाइयों के सिर इस कदर चढ़ कर बोल रहा था कि वह उनकी डिमांड करते थे। जहां अखिलेश का कार्यक्रम न हो वहां मांग रहती थी कि निरहुआ को भेज दिया जाये। इस बार लोकसभा चुनाव में निरहुआ ने अखिलेश के खिलाफ चुनाव लड़ने के लिए खम क्या ठोंका सपैई बैकफुट पर आ गये। निरहुआ की न तो राजनैतिक पृष्टभूमि है न ही कोई पारिवारिक सदस्य इसमें था लेकिन आने से पहले सपाई विरोध-प्रदर्शन पर उतर आये। जिस तरह से महिलाओं को पहले से जुटा कर रखने के साथ नारे लगवाये जा रहे थे उससे साथ था कि स्क्रिप्ट पहले की लिखी है। सपाई भले इसे अपने स्तर पर रहे थे या अखिलेश की गुडबुक में आने की खातिर यह तो तय है कि निरहुआ का खौफ सर पर चढ़ कर बोल रहा है।

पुलिस-प्रशासन के तेवर सख्त

अखिलेश इस सीट को सुरक्षित मानने के साथ पूर्वांचल से नाता बरकरार रखने की खातिर आजमगढ़ सदर संसदीय सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा किये थे लेकिन भाजपा ने भोजपुरी फिल्मस्टार दिनेश लाल निरहुआ को मैदान में उतार कर लड़ाई दिलचस्प बना दी। निरहुआ सोमवार को अपने गांव से रोड शो करते हुए निकले थे लेकिन मेहनाजपुर बाजार से मेहनगर विधानसभा क्षेत्र में जाते समय विरोध का सामना करना पड़ा। अखिलेश समर्थको ने निरहुआ वापस जाओ के साथ ही अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए और काले झंडे दिखाए। बीजेपी प्रत्याशी के काफिले को रोकने का प्रयास व पत्थरबाजी को पुलिस-प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिÞलाधिकारी ने इसमें शामिल लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही के आदेश् दिये हैं। साफ शब्दों में कहा अराजकता फैलाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।

मोदी की बड़ाई संग अखिलेश की खिंचाई

सधे राजनेताओं के अंदाज में निरहुआ अपनी वृद्धा मां का आशीर्वाद लेकर रोड शो पर निकले। मीडिया से बातचीत में कहा कि देश का बच्चा से लेकर बूढ़ा तक चाहता है कि मोदी ही फिर से पीएम बने। आजमगढ़ की धरती से यही संदेश मुझे सभी को देना है। अखिलेश पर तंज कसने के अंदाज में कहा कि वह बहुत ‘बड़े’ नेता हैं लेकिन राह ‘पकड़’ ली है। मैं तो सच के साथ हूं और सदियों से जीत इसी की होती है। सच परेशान हो सकता है लेकिन पराजित नहीं।

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