इको टूरिज्म सेंटर के रूप में विकसित होंगे राजदरी-देवदरी, सेल्फी प्वाइंट, नेचर ट्रेल, पाथवे, आॅडिटोरियम, डॉरमेट्री हाल, कैफेटेरिया बनेगा

वाराणसी। प्रदेश के पर्यटन एवं धर्मार्थ कार्य राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डा. नीलकंठ तिवारी ने सोमवार को चंदौली स्थित राजदरी-देवदरी के पर्यटन विकास किए जाने हेतु स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजदरी में सेल्फी प्वाइंट का निर्माण, नेचर ट्रेल, पाथवे, आॅडिटोरियम, डॉरमेट्री हाल, कैफेटेरिया, आने वाले सैलानियों के लिए बेंचेंज, बोल्डर पीचिंग एवं साइनेजेज आदि कार्य कराए जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि यह सभी कार्य इस प्रकार कराए जाएं कि इससे किसी प्रकार से वन्य जीवों पर दुष्प्रभाव न पड़ने पाए और पर्यटक इसका अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। इसी प्रकार उन्होंने देवदरी का अलग से अंगणन तैयार किए जाने का निर्देश दिया। राजदरी से देवदरी के आंतरिक मार्ग का उन्होंने पैदल भ्रमण कर निर्देशित किया कि उक्त मार्ग को सुदृढ़ किया जाए। जिससे पर्यटक इस मार्ग का उपयोग नेचर ट्रेल के रूप में कर सकें। साथ ही देवदरी के स्टेट व्यू प्वाइंट तक पैदल भ्रमण करते हुए उन्होंने इस स्थल तक मार्ग बनाने एवं रेलिंग लगाने के निर्देश दिए।

सीएए पर भ्रम फैलाने वालों से किया सचेत

इसके बाद डा. तिवारी ने चकिया नगर पंचायत में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नागरिकता संशोधन अधिनियम-2019 (सीएए) के समर्थन एवं संबंध में विस्तार से अवगत कराते हुए कहां की यह कानून लोगो को नागरिकता अधिकार देने का है। किसी का अधिकार वापस नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कतिपय लोगों द्वारा इस कानून के संबंध में फैलाई जा दुष्प्रचार एवं भ्रांतियों को निराधार बताते हुए, ऐसे लोगों से सतर्क रहने की लोगों से अपील की। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि वास्तव में सीएए कानून राष्ट्रहित से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण कानून है जो कि आम जनमानस के लिए अत्यंत लाभकारी है।

रविदास जयंती तक पूरा हो कम्युनिटी हाल

इसके अलावा पर्यटन मंत्री ने सोमवार को सीरगोवर्धनपुर में निमार्णाधीन कम्युनिटी हॉल के कार्यों का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को कम्युनिटी हॉल के निर्माण कार्य को संत श्री रविदास जी के जन्म दिवस तक प्रत्येक दशा में गुणवत्ता के साथ पूरा कराए जाने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश चंद्र मिश्र, पर्यटन अधिकारी कीर्तिमान श्रीवास्तव, फॉरेस्ट रेंजर बृजेश पांडे अभियंता एके सिंह उपस्थित रहे।

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