वाराणसी। मंडुआडीह रेलवे समपार के अधिकांश समय बंद रहने के चलते यहां प्लाइओवर की लंबे समय से मांग थी। पीएम मोदी ने इसका सोमवार को लोकार्पण कर दिया तो रेल प्रशासन ने इसे बंद करने का निर्णय लिया। इसके विरोध में मंगलवार की सुबह 8 बजे से क्षेत्र के महिलाओं एवं पुरुषों ने रेलवे लाइन पर उतरकर धरना प्रदर्शन किया। इसी बीच मंडुआडीह भटनी पैसेंजर ट्रेन को आला अधिकारियों द्वारा गेट खुलवाने जाने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक से हटे तो 9:50 पर ट्रेन मंडुआडीह से रवाना हुई लेकिन उसके बाद भी गेट न खुलने पर प्रदर्शनकारी दोबारा रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान 10:29 बजे हावड़ा से इलाहाबाद की तरफ जा रही विभूति एक्सप्रेस को भी प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। बाद में 12:13 बजे पर रेलवे के आला अधिकारियों के आदेश पर गेट को खोला गया तब जाकर प्रदर्शनकारी रेलवे लाइन से हटे तब विभूति एक्सप्रेस इलाहाबाद की ओर रवाना हुई। चिलचिलााती धूप में ट्रेन में सवार मुसाफिर बेहाल हो गये।

गेट भी खुला रहना चाहते हैं क्षेत्रीय लोग

सोमवार रात में रेल प्रशासन द्वारा जेसीवी मशीन मंगा कर रेलवे गेट के दोनों छोर पर खुदाई की जाने लगी जिसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। उनकी एक न सुनी गई और रेलवे गेट को गिरा दिया गया। इसपर सुबह 8 बजे से क्षेत्र की महिला एवं पुरुष रेल ट्रैक पर लोहे का गाटर एवं पत्थर रखकर धरना प्रदर्शन करने लगे। गेटमैन ने पूछे जाने पर बताया स्टेशन मास्टर विवेक सिंह ने रात में 1:25 पर रेलवे फाटक स्थाई रूप से बंद कराने का निर्देश दिया था। इसी के चलते रेल फाटक बंद है। बाद में पहुंचे आरपीएफ कमांडेंट जितेंद्र श्रीवास्तव, एडीआरएम राजीव झा, ए सी एम प्रथम सुशील कुमार गौंड एवम मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अशोक सिंह एवं सिगरा थाने की पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने बुझाने में लगी थी लेकिन प्रदर्शनकारी किसी की कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। महिलाओं का कहना था कि इस गेट के बंद होने से कई क्षेत्र प्रभावित होंगे जिसने तुलसीपुर, आदर्श नगर ,शिवपुरवा,निराला नगर, रानीपुर,बैंक कॉलोनी, सहित कई कालोनियों के लोगों का आवागमन बंद हो जाएगा।

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