शहीद के घर पहुंचे राज्यमंत्री,कलेक्टर-कप्तान से पिता ने पाकिस्तान को लेकर रखी यह मांग

वाराणसी। जम्मू-काश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को आतंकी हमले में शहीद रमेश यादव के तोहफापुर (चौबेपुर) स्थित घर पर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर, प्रभारी जिलाधिकारी गोरांग राठी एवं एसएसपी आनन्द कुलकर्णी शुक्रवार को पहुंचे। इन लोगें ने परिजनों को ढाढस बंधाते हुए दु:ख की घड़ी में देशवासियों को हमेशा उनके साथ रहने का भरोसा दिया। शहीद के पिता श्याम नारायण यादव ने अपने मात्र डेढ़Þ वर्षीय अबोध पौत्र आयुष को गोद मे लिए बहुत ही दुखी मन से कहा कि मैं भारत सरकार से मांग करता हूं कि मेरा एक और बेटा है उसे भी सेना में शामिल करके सीमा पर भेज दो, लेकिन भारतीय सेना को दुश्मन के घर में घुसकर खत्म करने का आर्डर दे दो।

पत्नी हुई बेसुध, शहादत पर गर्व

उधर घर में रमेश की शहादत की सूचना मिलने के बाद गुरुवार रात से ही पत्नी रेनू की हालत विक्षिप्तों सरीखी हो गयी हैै। बावजूद इसके रेनू जब भी संयत हो रही थी तो मुंह से यही निकल रहा था कि उसको अपने पति की शहादत पर गर्व है। उन्होंने कुछ अच्छे कर्म किए थे जिसके मौत के बाद भी लोगों के दिलों में अमर शहीद के रूप में हमेशा रहेंगे। मैं तो भाग्यशाली थी जो उनकी जीवनसंगिनी बनने का सौभाग्य मिला। शेष जीवन को उनकी यादों और वीरता के किस्से के सहारे कट जाएगा।

भले विकास रोक दो लेकिन आतंकियों को ठोंक दो

शहादत की खबर मिलने के बाद से इलाके के लोग संवेदना व्यक्त करने पहुंचने लगे थे। इस क्रम में महादेव पीजी कालेज चिरईगांव के सैकड़ों छात्र-छात्राएं राष्ट्रध्वज लिये शहीद रमेश के घर पहुंचे। इनके हाथों में जो तख्तियां थी, उसमें लिखा था ‘मोदी जी विकास रोक दो, पहले आतंकवादियों को ठोक दो’। स्कूली बच्चों ने पाकिस्तान से बदला लेने के लिए जमकर नारेबाजी की। साथ ही ‘रमेश यादव अमर रहें’ के नारे लगाये।

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