नवजात की मौत पर परिजनों ने अस्पताल में बवाल काटा,पुलिस ने फर्जी डिग्रीधारी डॉक्टर को भेजा जेल

वाराणसी। रामनगर की नई बस्ती-सूजाबाद क्षेत्र में प्रसव के बाद नवजात की मौत पर भड़के लोगो ने जमकर बवाल काटा। क्रुद्ध भीड़ ने अस्पताल में तोड़ फोड़ के संग कथित डॉक्टर व कर्मचारियों की जमकर पिटाई भी की। पिता की तहरीर पर तहरीर पर पुलिस ने हत्या व धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के साथ डॉक्टर को जेल भेज दिया। खास यह कि यहां के टेंगरा मोड़,डोमरी व सुजाबाद क्षेत्रो में अभी भी इस प्रकार के एक दर्जन से अधिक अस्पताल फर्जी तरीके से संचालित हो रहे है जहां न तो डॉक्टर के पास कोई डिग्री है और अस्पताल का न ही कोई रजिस्ट्रेशन है। किसी दुर्घटना के बाद हंगामा होता है तो कुछ दिनों तक सख्ती दिखती है जिसके बाद फिर से पुराने ढर्रे पर व्यवस्था चालू हो जाती है।

हंगामें के बाद बुलायी गयी थी कई थानों की फोर्स

गौरतलब है कि पड़ाव क्षेत्र के खुटहा गांव निवासी बुद्धू सोनकर ने अपनी पत्नी रीना देवी को गुरुवार शाम सुजाबाद के नई बस्ती स्थित ओम स्वास्थ्य संगम अस्पताल में प्रसव के लिए भर्ती कराया था। गुरुवार देर रात रीना को डिलीवरी हुई जिसमे उसने पुत्री को जन्म दिया लेकिन उसे मृत देखकर परिजनों ने हंगामा शुरू किया। तोड़-फोड़ के साथ डॉक्टर व कर्मचारियों की पिटाई की सूचना पर पहुंची कई थानों की फोर्स ने किसी तरह मामला शान्त कराया और दोनों पक्षो को थाने ले आयी। गंभीर दशा में रीना देवी को मण्डलीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। शुक्रवार सुबह पुलिस ने डॉक्टर के डिग्री की जाँच की तो उनके पास न तो कोई डिग्री मिली और न ही कोई रजिस्ट्रेशन मिला। पुलिस ने डॉक्टर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

16 साल के बाद बनी थी मां

मृत नवजात के पिता बुद्धू सोनकर ने बताया कि 16 वर्ष बाद पत्नी गर्भवती हुई थी। इसी डॉक्टर के यहां पिछले पांच महीनों से इलाज भी चल रहा था। बावजूद इसके डॉक्टर द्वारा 10 हजार अतिरिक्त रुपये मांगे जा रहे थे जिसे न देने पर डॉक्टर द्वारा जानबूझकर मेरे बच्चे को मार दिया गया। बुद्धू की माने तो क्षेत्र में उपचार की व्यवस्था भगवान भरोसे है।

Related posts