वाराणसी। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद शुरू हुई मुठभेड़ का खौफ अपराधियों के सिर चढ़ कर बोलने लगा है। किसी जमाने में पूर्वांचल ही नहीं देश में आतंक का पर्याय मने जाने वाले माफिया डॉन तक इस कदर सहमे हैं कि जेल से पेशी पर भी निकलने का हौसला नहीं जुटा पा रहे हैं। भाजपा विधायक कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की हत्या समेत सनसनीखेज वारदातों के आरोपित बजरंगी को खौफ किसी विरोधी का नहीं बल्कि पुलिस का है। एडीजे (चतुर्थ) मोहम्मद गुलाम उल मदार की अदालत में झांसी जेल में निरुद्ध कुख्यात मुन्ना बजरंगी की ओर से बाकायदा इस बाबत आवेदन दिया गया है। आरोप लगाया गया है कि झांसी के डीएम,एसपी और एएसपी अभिषेक तिवारी आरोपी को कारागार से बाहर निकाल कर फर्जी मुठभेड़ दिखाकर हत्या कराना चाहते है।

सुरक्षा के लिए बजरंगी ने लगायी गुहार

कोर्ट में बजरंगी की तरफ से अधिवक्ता अनुज यादव, शशिकान्त रॉय चुन्ना,शैलेन्द्र सरदार की तरफ से अनुरोध किया गया है कि अविलम्ब सुरक्षा के सम्बंध में समुचित निर्देश नही दिया गया तो बजरंगी की हत्या न्यायिक अभिरक्षा में की जा सकती है। ऐसे में झांसी के डीएम, एसपी व जेल अधीक्षक को नोटिस जारी कर आख्या तलब करने और सुरक्षा का निर्देश जारी करने का अनुरोध किया गया। अदालत ने इस पर निर्धारित तिथि 9 मई को सुनवाई के लिए नियत कर दी। इसके पूर्व 21 मार्च को कारागार महानिरीक्षक और अधीक्षक को पत्र भेजकर 4 अप्रैल तक स्पष्टीकरण तलब किया गया था। इसमें कहा गया था कि 9 मार्च को एसटीएफ के दो कर्मी झांसी कारागार में आये और निरुद्ध कुछ बंदियों को साजिश में लेकर आरोपी मुन्ना बजरंगी के भोजन में विषाक्त पदार्थ मिलाकर उसके हत्या की साजिश रची जिससे उसके जीवन पर संकट हो गया। एसटीएफ कर्मियों के आने जाने की गतिविधि सीसीटीवी में कैद हो गया। आरोपी ने कारागार में ही हत्या की आशंका जतायी थी। इस बाबत कोर्ट ने आख्या तलब की थी जो अभी तक उपलब्ध नहीं कराई गई।

कृष्णानंद राय हत्याकांड मे होनी है पेशी

गौरतलब है कि कृष्णानंद राय समेत सात लोगों की हत्या का मामला दिल्ली की स्पेशल सीबीआई कोर्ट में चल रहा है। इसमें मुन्ना बजरंगी समेत अधिकांश आरोपित कई तिथियों से नहीं जा रहे हैं। इस मामले में बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह की तरफ से शासन में प्रार्थनापत्र दिया गया था। दो दिन बाद इस मामले में पेशी होनी है और कृष्णानंद की पत्नी तथा मोहम्मदाबाद की मौजूदा विधायक अलका राय ने पेशी पर न आकर मुकदमा लंबित रखने को लेकर गुहार लगायी है। बहरहाल बजरंगी ने जिस मामले को लेकर यहां प्रार्थनापत्र दिया है वह कैंट थाने के बड़े सिंह-छोटे सिंह दोहरे हत्याकांड से जुड़ा है। मुन्ना बजरंगी इस मामले में मुख्य आरोपी है। इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 9 मई नियत है।

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