वाराणसी। पिछले कुछ सप्ताह से सिकरौरा कांड की सुनवाई के दौरान एमएलसी बृजेश सिंह की बीमारी के चलते गैरमौजूदगी को लेकर कोर्ट ने सख्त तेवर अख्तियार किये थे। इसका असर सोमवार को दूसरे मामले में देखने को मिला। दो दशक से अधिक पुराने गैंगस्टर मामले में व्हील चेयर से विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) राजीव कमल पांडेय की अदालत में एमएलसी को लाया गया था। बृजेश की पेशी को लेकर पुलिस सुबह से एक्शन में आ गयी थी और दो आईपीएस अधिकारी के एएसपी के अलावा एक सीओ और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी लगाये गये थे। संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सादे वेश में क्राइम ब्रांच की टीम अलग से मौजूद थी।

भाई हरि सिंह भी पहुंचे थे कोर्ट

गैंगस्टर अदालत में आरोपित एमएलसी और उनके भाई हृदय नारायण सिंह उर्फ हरि सिंह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट की मुकदमे की सुनवाई चल रही है। चौबेपुर पुलिस ने 1995 में दोनों भाइयों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट का मुकदमे दर्ज किया था। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ दाखिल गैंगचार्ट में कई मुकदमों को दशार्या गया है। मुकदमे में तत्कालीन एसओ समेत अन्य गवाहों का बयान दर्ज हो चुका है। आज की सुनवाई के दौरान आरोपी का बयान दर्ज किया गया। अदालत ने आरोपी को अपने सफाई में साक्ष्य देने का अवसर देते हुए मुकदमे की अगली सुनवाई के लिए 12 फरवरी की तिथि मुकर्रर कर दी। अदालत द्वारा मुकदमे की तिथि मुकर्रर होने के पश्चात आरोपी को लेकर पुलिस चली गई। मंगलवार को इसी अदालत में सिकरौरा कांड की सुनवाई होनी है। इसी मामले अदालत ने बीएचयू में भर्ती आरोपी बृजेश सिंह को व्हील चेयर पर लाने का पुलिस प्रशासन को आदेश दिया था। खास यह कि वादिनी हीरावती पहले ही अदालत बदलने की खातिर जिला जज की कोर्ट में प्रार्थनापत्र दे चुकी है।

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