वाराणसी। शहर के बड़े हिस्से को ट्रंक सीवर लाइन समेत दूसरे कामों का हवाला देते हुए जल निगम ने खोद रखा है। इससे हादसे हो चुके हैं और आगे भी संभावना भी बनी है। बावजूद इसके शहर में संचालित निर्माण परियोजनाओं की सुरक्षा एवं मौके पर हो रहे निर्माण कार्य के दौरान जन सामान्य की सुरक्षा सुनिश्चित कराए जाने की खातिर डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने गुरुवार को अपने कैंप कार्यालय में कार्यदायी संस्थाओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक बुलायी तो जल निगम के प्रभारी अधिकारी लापता थे। इस महत्वपूर्ण बैठक से गायब रहने पर डीएम का पारा चढ़ गया। उन्होंने जल निगम के अभियंता की वेतन भुगतान रोके जाने के साथ ही उनके विरुद्ध दंडात्मक कार्यवाही करने के लिए शासन से संस्तुति की। डीएम ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी दशा में नहीं होनी चाहिए और ऐसा कोई प्रकरण संज्ञान में आया तो जिम्मेदार अधिकारी किसी भी दशा में बख्शे नहीं जाएंगे।

तलब की दो दिन में रिपोर्ट, करेंगे औचक निराक्षण

डीएम ने शहर में निर्माणाधीन परियोजनाओं की सुरक्षा एवं संरक्षा की स्थिति एवं उपायों की समीक्षा के दौरान कार्यदायी संस्थाओं को कड़े निर्देश दिये कि प्रत्येक परियोजनाओं की सुरक्षा एवं संरक्षा उपायों की जॉच कर दो दिन में रिर्पोट तलब किया है। उन्होने कहॉ कि निर्माण एजेसियों पर प्राप्त रिर्पोट की भी जांच कराया जायेगा। उन्होने निर्माण परियोजनाओं के सुरक्षा मानको की वे स्वयं औचक जांच भी करेगें। गेल, जलनिगम एवं गंगा प्रदुषण नियंत्रण द्वारा सड़कों पर कार्य के दौरान किये जाने वाले खोदाई स्थल पर प्रर्याप्त बैरेकेटिंग, साइनेंज एवं रिफलेक्टर हर हालत में लगाये जाने पर विशेष जोर देते हुए 24 घंटे में इसे पूरा कराये जाने का निर्देश देते हुए कहा कि इसके बाद जहां पर कमी मिली, तो जिम्मेदार अधिकारी बख्शे नहीं जायेगें। उन्होंने सड़क खोदाई के दौरान आवश्यकतानुसार रूट डाइवर्जन प्लान बनाकर एसपी ट्रेफिक को अवगत कराये जाने हेतु भी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया।

बगैर अनुमति खोदी सड़क तो एफआईआर

डीएम ने बिना अनुमति किसी भी दशा में सड़क की खोदाई न किये जाने का निर्देश देते हुए हिदायत दी कि बिना अनुमति सड़क की खोदाई करनें वालों के विरूद्व एफआईआर दर्ज करायी जायेगी। खोदाई स्थल पर वावर्दीकर्मियों की तैनाती किये जाने हेतु भी उन्होने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं को निर्देशित किया। विद्युत विभाग के अभियंता को लटकते एवं जर्जर विद्युत तारों को शीघ्र दुरूस्त कराये जाने का निर्देश देते हुए कहॉ कि किसी भी प्रकार की दुर्घटना पर जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कराया जायेगा। परिवहन विभाग को डग्गामार एवं ओवरलोडिग वाहनों का संचालन कड़ाई से रोके जाने का भी निर्देश दिया। उन्होने ओवरब्रिज निर्माण स्थल के नीचे आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित किये जाने हेतु व्यू कटर के माध्यम से रोके जाने का निर्देश दिया। रोड डिवाइडर पर रिफलेक्टर एवं सेफ्टी गार्ड लगवाया जाना सुनिश्चित कराये जाने पर जोर दिया। डीएम ने फायर बिग्रेड विभाग द्वारा सुरक्षा मानको की अनापत्ति प्रमाण पत्र दिये जाने के दौरान धनउगाही किये जाने की शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए विभागीय अधिकारी को सचेत करते सुधरने की चेतावनी दी। एसएसपी आरके भारद्वाज ने निर्माण स्थलों पर बिखरे एवं बेतरतीब तरीके से रखे जाने वाले सामानों को समुचित तरीके से निर्धारित स्थान पर रखे जाने का निर्देश देते हुए हर हालत में सर्विस रोड को क्लीयर रखे जाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में नगर आयुक्त डा.नितिन बंसल, सचिव वीडीए, एडीएम सिटी विरेन्द्र पाण्डेय, एडीएम प्रशासन, एडीएम फाइनेंस,एसपीसिटी, एसपी ट्रैैफिक सहित संबंधित विभागीय एवं कार्यदायी संस्था के अभियंता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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