चंदौली। साहुपूरी स्थित स्टेट बैंक आॅफ इंडिया की शाखा में सरकारी विद्यालय के प्रधानाचार्य ने लोन के लिए आवेदन किया तो मैनेजर ने पास करने के एवज में पांच प्रतिशत की मांग रखी। कर्ज 10 का लेना था और मैनेजर एडवांस में 50 हजार चाह रहे थे। इसकी शिकायत एंटी करेप्शन ब्यूरो से की गयी लेकिन मामला राष्ट्रीकृत बैंक का देख वहां से सीबीआई को रेफर कर दिया गया। सोमवार की देर शाम सीबीआई ने छापा मार कर बैंक मैनेजर अजय कुमार गोंड को किया रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। देर रात तक यह अधिकारी छानबीन की कार्रवाई कर रहे थे। सीसीटीवी से लेकर बाइक शाखा में लोन के तमाम अन्य मामलों की छानबीन हो रही है। इस दौरान देर रात तक बैक के बाहर लोग डटे रहे। दरअसल मामला सीबीआई का होने के नाते कोई भी अधिकारी मामले कुछ भी बोलने से कतरा रहा था।

योजनाबद्ध तरीके से दबोचे गये मैनेजर

खजूर गांव निवासी रामाश्रय सिंह ईशापुर साहब गंज चंदौली के प्राइमरी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। रामाश्रय अपने कुछ काम के लिए शाखा साहुपूरी से 10 लाख रुपए लोन की बात मैनेजर से किए थे। मैनेजर ने इसके एवज में 5 परसेंट रिश्वत की मांग करने लगे। रामाश्रय सिंह ने अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी तो उनका पुत्र विष्णु दयाल सिंह जो कि बीए का छात्र है इसने अपनी शिकायत इंटेलिजेंस वाराणसी से की। स्टेट बैंक केंद्र सरकार का मामला होने के कारण इस मामले की शिकायत सीबीआई से करने की सलाह दी। शिक्षक के पुत्र ने सीबीआई लखनऊ की शाखा से मामले की लिखित शिकायत शनिवार को की थी। सोमवार की दोपहर सीबीआई के कुछ अधिकारी साहुपूरी पहुंचे और वैष्णो दयाल सिंह उनके पिता रामाश्रय सिंह को बुलाकर मैनेजर को रंगे हाथ पकड़ने की योजना बनाई। साथ ही पीड़ित को रिकॉर्डिंग के लिए एक डिवाइस दी और 40 हजार नगद रुपयों में कैमिकल लगाकर दिए और उन्हें बैंक भेजा। बैंक मैनेजर से बात होने लगी तो बैंक मैनेजर 4 पर्सेंट पर घूस लेकर लोन देने के लिए तैयार हुआ। इसी समय छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया। नोट बरामदगी के बाद हाथ धुलवाया गया तो वह लाल हो गया।

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