दम्पति को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतारा, सम्पति विवाद को लेकर वारदात को दिया अंजाम

वाराणसी। अमूमन साल भर सुनसान दिखने वाले पिशाच मोचन में पितृपक्ष के दौरान खासी भीड़ रहती है। जब किसी तरह का पूजा-पाठ नहीं होता यहां हजारों की संख्या में लोग पितरों की शांति के लिए पिंडदान करने आते हैं। भारी भीड़ के चलते मोटा चढ़ावा भी चढ़ता है और इसी के विवाद को लेकर शनिवार की सुबह काली महाल (चेतगंज) इलाके में खूनी खेल खेला गया। असलहे से लैस बदमाशों ने पिशाच मोचन स्थित गद्दी पर जा रहे कर्मकांडी ब्राह्मण कृष्णकांत उपाध्याय(52) को गोलियों से छलनी कर दिया। इसके बाद बदमाशों ने घर में घुस कर उनकी पत्नी ममता (47) पर गोली बरसाने के साथ धारदार हथियारों से वार कर मौत की नींद सुला दिया। कोशिश तो बड़े बेटे पवन उर्फ सुमित को भी मारने की हुई लेकिन गोली निशाने पर नहीं लगी जिससे वह भागने में सफल रहा।

फिल्मी तरीके से हुई वारदात से हडकंप

आधा दर्जन की संख्या में आये बदमाशों ने फिल्मी तरीके से वारदात को अंजाम दिया जिससे समूचे इलाके में दहशत फैल गयी। दरअसल पिस्टल के साथ धारदार हथियारों से लैस बदमाशों का इरादा पूरे परिवार को मौत के घाट उतारना था। पुश्तैनी गद्दी और मकान को लेकर कृष्णकांत का अपने भाई राजेन्द्र के साथ पिता राधेश्याम उपाध्याय की मौत के बाद से विवाद चल रहा था। शुक्रवार को विवाद के बाद अंजाम भुगतने की धमकी दी गयी लेकिन परिवार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया था। बदमाशों को पता था कि इन दिनों सुबह ही कृष्णकांत अपने पुत्र के साथ पिशाच मोचन जाते हैं। योजना के तहत वह इंतजार कर रहे थे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। जब तक लोगों को कुछ अनहोनी का आभास होता दम्पति को गंभीर रूप से जख्मी करने के बाद हमलावर मौके से फरार हो चुके थे।

पुलिस-प्रशासन के आला अफसर मौके पर

सीएम योगी के दौरे के बाद कुछ राहत महसूस कर रहे अफसरों को दोहरे हत्याकांड की जानकारी मिली तो उनके होश फाख्ता हो गये। मौके पर एडीजी बृजभूषण, आईजी रेंज विजय सिंह मीना, एसएसपी आनंदकुलकर्णी, एसपी सिटी दिनेश सिंह और सीओ चेतगंज पहुंच गये। डीएम सुरेन्द्र सिंह ने भी मौका मुआयना किया। हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के इलाके का सीसी फुटेज खंगाला जा रहा है। 

Related posts