वाराणसी। महीने में दो बार मंगलवार को तहसील में आयोजित होने वाले समाधान दिवस पर अधिकारियों का आना पहले से निर्धारित होता है। पहले से तय रहता है कि कौन कहां पर सुनवाई करेगा। सदर तहसील में उस समय खलबली मच गयी जब बगैर किसी सूचना के अचानक वहां कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण आ धमके। उन्होंने देर तक न सिर्फ शिकायतकर्ता से उनकी समस्याओं को सुना बल्कि यथा शीघ्र एवं गुणवत्ता सहित समयबद्व निस्तारण कराये जाने का भरोसा दिया। इस अवसर पर उन्होने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जनसामान्य की समस्याओं के निस्तारण में ढिलाई बर्दास्त नही किया जायेगा। उन्होने पिछले सम्पूर्ण समाधान दिवसों पर प्राप्त एवं अब तक निस्तारण न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लम्बित शत-प्रतिशत शिकायती पत्रों का निस्तारण गुणवत्ता के साथ प्रत्येक दशा में एक सप्ताह के अन्दर किये जाने का निर्देश दिया। उन्होने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि शिकायती पत्रों के निस्तारण की गुणवत्ता में कमी अथवा खानापूर्ति मिलने पर जिम्मेदार अधिकारी व कर्मचारी बख्से नही जायेगें।

510 में निस्तारित हुए महज 31 मामले

तहसील दिवस के मौके पर मंगलवार को तहसील राजातालाब पर 265, पिण्डरा पर 127 एवं सदर पर 118 सहित कुल 510 प्राप्त शिकायती पत्रों में से तहसील राजातालाब पर 10, पिण्डरा पर 12 एवं सदर पर 9 सहित कुल 31 शिकायती प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष प्रार्थना पत्रों को विभागीय अधिकारियों को उपलब्ध कराते हुए एक सप्ताह के अन्दर निस्तारण करने का निर्देश दिया। तहसील दिवस के मौके पर राजातालाब में एसएसपी आरके भारद्वाज, सीएमओ, एसडीएम सहित तीनों तहसील मुख्यालयों पर उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारियो के अलावा पुलिस, विद्युत, जलनिगम, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, पंचायत आदि अन्य विभागीय अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहें।

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