पुलिस की ‘अनसुनी’ से फरियादी ने गर्दन रेत ली! घटना के बाद मची हडकंप के सात शुरू हुआ ‘एक्शन’

वाराणसी। शासन से लेकर आला अफसरों तक के साफ निर्देश हैं कि राजस्व संबंधी मामलों में पुलिस हस्तक्षेप न करे। बावजूद इसके थानों-चौकियों पर ऐसे मामलों में ‘तलब’ कर लिया जाता है। कभी कभार ‘दांव’ उल्टा ही नहीं पड़ता बल्कि गले की फांस बन जाता है। कुछ ऐसा ही काशी विद्यापीठ पुलिस चौकी (सिगरा) के बगल में मंगलवार को हुआ तोहडकंप मच गयी। यहां पर सुनील चौहान नाम फरियादी के गला रेतने की खबर के बाद पुलिस बैकफुट पर आ गयी। आनन-फानन में सुनील को अस्पताल भर्ती कराने के साथ उसका मजिस्ट्रेट के समक्ष कलमबंद बयान कराया गया। साथ ही पुलिस ने सुनील के भाई अनिल के खिलाफ खुदकुशी के लिए प्रेरित करने की धारा 306 के तहत मुकदमा कायम कर विवेचना शुरू कर दी है। फिलहाल सुनील का दशा स्थिर बनी है।

पारिवारिक विवाद में हुए थे तलब

पुलिस के मुताबिक इंग्लिीशिया लाइन निवासी अनिल कुमार व उसके भाई मनोज चौहान में पैतृक सम्पत्ति को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था। यहीं नहीं मां की पेंशन पर दोनों बराबर का हक जताते थे। दोनों भाईयों में मारपीट भी हो चुकी थी। किराये के दुकान को लेकर दोनों में फिर से विवाद हुआ था जिस पर मामला काशी विद्यापीठ की चौकी पर पहुंचा था। इस पर पुलिसकर्मियों ने मामले की जानकारी लेने के लिए दोनों पक्ष को चौकी पर बुलाया था। दावा है कि सुनवाई के दौरान सुनील वहां से उठा और इससे सटे हुए शौचालय में जाकर ब्लेड से अपना गले पर वार कर दिया। खून से लथपथ वह चौकी पर पहुंचा तो पुलिस ने उसकी स्थिति को देखते हुए मंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया।

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