‘आईजीआरएस’ से मिले प्रार्थनापत्रों के निस्तारण में ‘हेराफेरी’ पर चढ़ी कमिश्नर की भिग्रुटि, बर्खास्तगी संग जेल भेजने की चेतावनी

वाराणसी। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों के निस्तारण में लापरवाही ही नहीं बरती जा रही बल्कि अपनी ‘सुविधानुसार’ रिपोर्ट लगा दी जी रही है। इसकी शिकायते मिलने पर कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने सख्त रुख अख्तियार किया है। साफ शब्दों में चेताया है कि शिकायती प्रार्थना पत्रों एवं लंबित संदर्भ के निस्तारण के संबंध में शासन के निदेर्शों का अवहेलना करना अब अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। खामी मिलने पर न सिर्फ नौकरी से बर्खास्तगी बल्कि जेल भी हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों को सुबह साढ़े 9 बजे अपने-अपने कार्यालयों में प्रत्येक दशा में उपस्थिति सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि औचक निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सरकारी कार्यालयों में लैंडलाइन लगाए जाने का भी उन्होंने निर्देश दिया।

खाली हो अवैध कब्जा, रद्द हो अपराधियों के लाइसेंस

कमिश्नर बुधवार को कमिश्नरी सभागार में विकास कार्यों के प्रगति की मंडलीय समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि भूमि संबंधी विवादों को हालत में प्राथमिकता पर निस्तारित किया जाए। इसमें किसी भी स्तर पर हिलाहवाली नहीं होनी चाहिए। उन्होंने ग्राम सभाओं में चकरोडों एवं सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण को चिन्हित कर हटवाए जाने का भी निर्देश दिया। संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आ रहे भूमि विवाद के अधिकांश मामले को संज्ञान लेते हुए उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों को तत्काल एवं गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित कराया जाए। पेशेवर अपराधियों को पूर्व में जारी असलहो के लाइसेंस निरस्त किए जाने का भी निर्देश दिया। ग्रामीण पेयजल योजना की समीक्षा के दौरान गाजीपुर के पांच, वाराणसी के चार सहित मंडल के लगभग एक दर्जन पूर्ण हो चुके पाइप पेयजल परियोजना हेतु 6 महीने से अधिक अवधि बीत जाने के बाद भी धनराशि जमा करने के बावजूद विद्युत कनेक्शन न होने की जानकारी को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने शासन को इसके लिए विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही किए जाने हेतु संस्तुति की। विद्युत ट्रांसफार्मर 3 दिन के अंदर बदलने के विभागीय दावे को उन्होंने खारिज करते हुए जौनपुर और चंदौली में एक महीने से खराब ट्रांसफार्मर अब तक नहीं बदले जाने की जानकारी देते हुए कड़ी फटकार लगाई और तत्काल बदले जाने का निर्देश दिया। वाराणसी जनपद में 23.57 घंटे विद्युत आपूर्ति किये जाने की भी विभागीय दावे की हवा निकालते हुए कमिश्नर ने विद्युत विभाग के अभियंताओं से पूछा कि आप लोग इसी शहर में रहते हो? उन्होंने विद्युत आपूर्ति की फर्जी रिपोर्टिंग बताते हुए आंकड़ेबाजी से बाज आने की भी चेतावनी दी।

गोवंश को लेकर यह है नीति

उपनिदेशक पशुपालन ने बताया कि गोवंश के संरक्षण व संवर्धन के लिए शासन द्वारा व्यवस्था किया गया है कि 24 जुलाई से पूर्व स्थाई एवं अस्थाई गोवंश आश्रय स्थलों में जमा निराश्रित गोवंश का पालन पोषण करने के इच्छुक लोगों को गोवंश उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रति व्यक्ति को चार गोवंश ही दिए जाएंगे तथा इसके लिए प्रति गोवंश 30 रुपये प्रतिदिवस की दर से भरण-पोषण भत्ता भी दिया जाएगा। इसके लिए विकास खंड स्तर से आवेदन पत्र प्राप्त किए जाएंगे और चयनित व्यक्तियों को दिए गए निराश्रित गोवंश की प्रत्येक 3 महीने पर जांच भी किया जाएगा। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने कड़े निर्देश देते हुए कहा कि सड़कों पर निराश्रित गोवंश दिखने न चाहिए। ऐसे गोवंश को गोवंश आश्रय स्थल में रखा जाए।

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