कलेक्टर-कप्तान ने जेल में पकड़े दर्जन भर मोबाइल तो जेल महकमा देने लगा ‘दुहाई’, खुली ‘पोल’ तो पीटने लगे ढोल

जौनपुर। इन दिनों समूचे प्रदेश में जेल के वीडियो खासे वायरल हो रहे हैं। संगठित रूप से अपराधों को अंजाम दिलाने वाले अपनी हनक दिखाने के लिए खुद ही इसे प्रचारित भी करा रहे हैं। बावजूद इसके जमीनी हकीकत इतर है। इसका नमूना रविवार को डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी और एसपी विपिन कुमार मिश्र की औचक छापेमारी में देखने को मिला। अचानक हुई इस कार्रवाई से जेल महकमे के दावों के संग वहां चल रही सुरक्षा व्यवस्था की पूरी कलई खुल गई। छापेमारी में जेल परिसर से एक-दो नही बल्कि पूरे 13 मोबाइल फोन के संंग शराब की काफी शीशियां भी बरामद हुईं।

जेल प्रशासन ने दी यह सफाई

खास यह कि इसमें से एक दर्जन मोहाइल तो बाकायदा बैरक के आफिस में चिट लगाकर रखे गये थे। साफ प्रतीत हो रहा था कि थोक के भाव में चार्जिगके लिए इन्हें रखा गया था। औचक छापमारी में बड़ी संख्या में मोबाइल फोन मिलने के बाद जेल प्रशासन सफाई की मुद्रा में आ गया है। दावा किया कि दो दिन पहले ही हम लोगों ने चेकिंग के दौरान जो एक दर्जन मोबाइल पकड़े थे यह वहीं है। इसकी सूचना पुलिस-प्रशासन क न देने के बाबत उनके पास कोई सफाई नहीं थी। गौरतलब है कि एक पखवारे पहले हुई छापेमारी में भी जेल से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई थी।

डीएम ने दिये सख्त कार्रवाई के संकेत

डीएम ने समूचे मामले को घोर आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि ऐसी ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जा सकती है। यह बेहद गंभीर प्रकरण है जिसमें कार्रवाई के लिए शासन से संस्तुति की जायेगी। विचाराधीन बंदी से लेकर आफिस तक में मोबाइल का मिलना कोई सामान्य मामला नहीं है। यदि यह पहले मिले थे तो रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कार्रवाई की जानी चाहिये थी।

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