बालिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनबरसा के परिसर में बने जच्चा-बच्चा व टीकाकरण केन्द्र को बुलडोजर लगा कर तोड़ने का मामला राजनैतिक रूप से तूल पकड़ता जा रहा है। शनिवार को डीएम भवानी सिंह खांगरौट ने सोनबरसा अस्पताल पहुच कर मौके का निरीक्षण किया। अधीक्षक डाक्टर विजय यादव को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल प्रांगण में हरा पेड़ काटता रहा और आप चुपचाप तमाशा देखते रहे। डाक्टर विजय यादव को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। वही जच्चा-बच्चा व टीकाकरण केन्द्र तोड़ने वालों को तत्काल कार्रवाई व गिरफ्तारी करने का आदेश दिया। अस्पताल प्रांगण में मौजूद एसडीएम बैरिया लालबाबू दुबे व तहसीलदार बैरिया गुलाब चन्द्रा को आदेशित किया कि सोनबरसा अस्पताल प्रांगण की जमीन पर बोर्ड लगा दे। बोर्ड पर लिखा होगा कि जमीन अस्पताल की है जो भी इस जमीन को खरीदेगा उसका जिम्मेदार स्वयं होगा।

एमएलसी पर हो भू माफिया की कार्रवाई

सांसद भरत सिंह ने डीए भवानी सिंह खांगरौट से शिकायत किया कि अस्पताल की जमीन बहुत पहले से है। लाखों रुपये लगाकर अस्पताल की बाउंड्री वाल खड़ा की गई है। एमएलसी भूमि पर कब्जा करने की नीयत से हरे पेड़ो की कटाई व सरकारी भवनों को बुलडोजर से गिरवा दिए है। एमएलसी को इस कार्य मे उनके चाचा राज्यसभा सांसद का संरक्षण प्राप्त है। साथ ही कहा कि जिले के कई सरकारी महत्वपूर्ण जमीनों पर एमएलसी ने अवैध रूप से कब्जा जमाए बैठे है जिसमे सरकारी इमारत तक बनी है। इन सारी जमीनें मैं खाली करवाकर ही दम लूंगा। कहा कि ऐसे लोगो पर एंटी भू माफिया के तहत मुकदमा दर्ज होनी चाहिए। हमने पीएम, सीएम व सम्बन्धित उच्चाधिकारियो से लिखित रूप में शिकायत किया है। इस बावत डीएम ने कहा कि अस्पताल की भूमि वर्षो से अस्पताल के कब्जे में है। इस भूमि पर कब्जा करने की नियत से सरकारी भवन को तोड़ने वालों की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है। वही अस्पताल के अधीक्षक को नोटिस देकर जबाब मंगा गया है। साथ ही अधीक्षक को आदेशित किया गया है कि 229 बी के तहत एसडीएम न्ययालय में बाद दाखिल कर कुँवर सिंह ट्रस्ट का नाम खारिज करवाकर अस्पताल का नाम दर्ज करावे वही तहसीलदार को आदेशित किया गया है कि जमीन पर बोर्ड लगावे की कोई भी इस जमीन को खरीदेगा तो स्वयं जिम्मेदार होगा।

समाधान दिवस पर जताया अंदेशा अगले दिन सच हुआ

गौरतलब है कि सम्पूर्ण समाधान दिवस के दिन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सोनबरसा के अधीक्षक डाक्टर विजय यादव ने शिकायती पत्र देकर अस्पताल प्रांगण में बने सरकारी भवन तोड़ने की अंदेशा जाहिर किया था। इसके अगली रात में सरकारी भवन तोड़ा गया। प्रश्न उठता है कि अस्पताल के अधीक्षक के शिकायत के बाद भी सरकारी भवन कैसे टूट गया। अस्पताल प्रांगण के हरे पेड़ काटे जाने के बाद भी अस्पताल प्रशासन क्यो ध्यान नही दिया गया। निरीक्षण के दौरान तहसीलदार गुलाब चन्द्रा ने जिलाधिकारी को जानकारी दिया कि 1950 से ही जमीन सरकार के कब्जे में था,1976 में किसी प्रकार से डुमरांव महाराज के दान पत्र के हिसाब से कुंवर सिंह ट्रस्ट का नाम चढ़ गया है। इसके बाद भी जमीन अस्पताल के ही कब्जे में रही है।

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