चंदौली। सहेपुर (बलुआ) गांव में रविवार की रात तिलक समारोह के दौरान नर्तकी के संग ठुमके लगा रहे मनबढ़ों की हर्ष फायरिंग का शिकार एक बकसूर हो गया। बताया जाता है कि धुत युवकों की फायरिंग का शिकार बने प्रमोद प्रजापति (28) की गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई। अचानक हुए घटनाक्रम से खलबली मच गयी। आयोजक इलाज के बहाने प्रमोद को गाड़ी में लादकर वहां से भागे और दो किलोमीटर दूर बोरे में भर कर अरहर के खेत में फेंक दिया। इस बीच घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुंची लेकिन आरोपित पक्ष के लोग फरार हो चुके थे। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने शव बरामद किया। मृतक प्रमोद के छोटे भाई विनोद ने गांव के तीन को नामजद करने के साथ एक अज्ञात के खिलाफ तहरीर दी। पुलिस ने सहेपुर निवासी दिनेश सिंह, राहुल सिंह और विनीत सिंह के अलावा एक अज्ञात के खिलाफ हत्या, शव को छिपाने का मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
मां ने रोका था आर्केस्टा में जाने से
रविवार की रात जब प्रमोद सहेपुर गांव में आर्केस्ट्रा देखने के लिए घर से निकला, तो उसकी मां राजवंती देवी ने उसे रोकने की बहुत कोशिश की लेकिन प्रमोद नहीं माना। जैसे उसकी मौत ने उसे घटनास्थल पर खींच लिया। प्रमोद की मौत के बाद उसकी मां यही कह कहकर विलाप कर रही थी कि अगर बचवा रुक गयल होतन त आज अइसन ना होत। बताया जाता है कि गांव के साथ आस पास के गांवों से भी लोग आर्केस्ट्रा देखने पहुंचे थे। रात साढ़े 11 बजे तिलक समारोह में आए रिश्तेदार और परिवार के लोग हर्ष फायरिंग करने लगे। प्रमोद तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। प्रमोद की मौत के बाद पिता शिव पूजन, माता रजवंती देवी और पत्नी शिवरात्रि देवी की स्थिति काफी खराब है। प्रमोद की दो पुत्रियां काजल (दो वर्ष) और एक माह की एक पुत्री है।

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