बलिया। संंदिग्ध हालात में 4 अक्टूबर को लापता पिपरा (दुबहर) निवासी गोरख यादव का शव शनिवार की सुबह पटखौली-सेरिया गांव (बांसडीह) के एक कुएं से बरामद किया गया।

गोरख यादव 4 अक्टूबर की शाम बगल के गांव में एक कार्यक्रम में भोज खाने के लिए गए थे। उसके बाद घर नहीं लौटे। अगले दिन पिपरा में धान के खेत में किसान द्वारा दवा का छिड़काव किया जा रहा था, तभी एक जगह खून के कुछ छींटे चप्पल और मोबाइल दिखाई दिया। किसान के शोर मचाने पर गोरख यादव के परिजनों ने उन सामानों की शिनाख्त गोरख यादव के सामानों से करते हुए पुलिस को सूचना दी। आनन-फानन में पुलिस हरकत में आई पुलिस ने गोरख यादव के भाई मुन्ना यादव की तहरीर पर गांव के ही सात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया। उस दिन से पुलिस कई जगह दबिश देकर इस मामले का खुलासा करने में लगी हुई थी। किसी की सूचना पर कुंए से गंध आने के बाद एसओ दुबहर संतोष कुमार, कांस्टेबल संदीप गिरी, आनंद राव, अनिल कुमार यादव पहुंचे। कुंए में प्लास्टिक के बोरे में लाश दिखाई दी, जिसे किसी तरह बाहर निकाला गया।

हत्या में तरमीम हुआ अपहरण का मामला

परिजनों मृतक के तन पर लुंगी शर्ट और बेल्ट से गोरख यादव के रूप में शिनाख्त की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही दुबहर थाने के कांस्टेबल जगदीश प्रसाद एवं मनीष कुमार ने घटना के एक आरोपी को उनके घर से हिरासत में ले लिया। इस मामले के खुलासे में पुलिस जुटी हुई। मृतक के भाई की तहरीर पर पहले सुबह थाने में 363 अपहरण का मुकदमा दर्ज हुआ। लाश मिलने के बाद 302 का मुकदमा दर्ज कर कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।

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