वाराणसी। सूबे की सत्ता में प्रचंड बहुमत के साथ आयी भाजपा को उससे जुडे लोगों की कारगुजारी भारी पड़ने लगी है। कानून-व्यवस्था को लेकर तमाम शिकायतों के बीच शासन ने दिशा निर्देश जारी किये हैं। इसका असर भी दिखने लगा है। पिछले दिनों एक मंत्री का करीबी रिश्तेदार बता कर अखरी चौकी पर बवाल काटने के संग वर्दी उतरवाने की धमकी देने का मामला तल पकड़ने के बाद सख्त कार्रवाई की गयी है। इस प्रकरण में भाजपा नेता धर्मेंद्र राजभर सहित 8 नामजद सहित 20 25 अज्ञात के खिलाफ संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गयी है। खास यह कि वादी कोई और नहीं बल्कि चौकी प्रभारी त्रिवेणी सिंह है जिनकी तहरीर पर श्रीधर पांडेय, राजेश कुमार दुबे, राजकुमार, प्रदीप राजभर, रमेश राजभर, लक्ष्मण राजभर, भानु पटेल नामजद तथा 20 25 अज्ञात के खिलाफ आईपीसी की धारा 147,148,152,186,353,487,504, 506 तथा 7 सीएलए के तरहत रपट दर्ज हुई है।

घटनाक्रम का वीडियो हुआ था वायरल

रोहनिया क्षेत्र के लठिया गांव निवासी पिता-पुत्र अशोक यादव व रामजी यादव का विवाद 7 अप्रैल को हुआ था। मामला अखरी पुलिस चौकी पहुंचा तो पुलिस ने इन दोनों के साथ ही गांव के राजनाथ यादव को भी पूछताछ के लिए चौकी पर बैठा लिया था। इसकी जानकारी होने पर पुलिस द्वारा बैठाए गये लोगो को छुड़ाने के लिए सुंदरपुर निवासी भाजपा नेता धर्मेन्द्र राजभर अपने कुछ साथियों के साथ रात करीब 9 बजे चौकी पर पहुंचकर इंचार्ज अखरी त्रिवेणी सिंह से उलझ गए। भाजपा नेता व समर्थकों की पुलिस गर्मागर्म बहस के दौरान मंत्री की करीबी बताते हुए अंजाम भुगतने की धमकी दी गयी। भाजपा नेता ने अपने साथ आये समर्थकों को लामबंद कर चौकी पर घेराव व प्रदर्शन के साथ ही पुलिस वालों व चौकी प्रभारी के संग गाली गलौज व दुर्व्यवहार किया गया। मौके पर पहुचे रोहनिया थाना प्रभारी ने लोगो को समझा बुझाकर किसी तरह मामला शांत कराया। घटनाक्रम का वीडियो वायरल होने बाद खासी किरकिरी हुई जिसके बाद कार्रवाई का सिलसिला आरम्भ हुआ।

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