अयोध्या विवाद को लेकर अखिल भारतीय मुस्लिम फोरम ने कही यह बड़ी बात, स्वामी अविमुक्तेवरानंद भी रहे साथ

वाराणसी। अयोध्या विवाद सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और इसको सुलझाने के लिए मध्यस्थता के प्रयास भी चल रहे हैं। इस बीच अखिल भारतीय मुस्लिम फोरम के लोगों ने कहा कि अयोध्या राम जन्म भूमि बाबरी मस्जिद का विवाद बहुत बड़ी समस्या बनकर बहुत समय से हमारे समाज को प्रभावित कर रहा है जितने भी लोग राम मंदिर से जुड़े हुए हैं उनका कहीं न कहीं वेस्टेड इंटरेस्ट यानी निजी लाभ जुड़ा हुआ है। शुक्रवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात के बाद फोरम के लोगों ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बात कही।

नये सिरे से हल ढूंढने के लिए कर रहे प्रयास

फोरम का कहना है कि एक दशक पहले इलाहाबाद हाई कोर्ट का फैसला है और इसके खिलाफ अपील माननीय सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सुप्रीम कोर्ट ने भी थक हार कर यह फैसला किया कि सबसे बेहतर विकल्प यह है कि इस मामले को आपसी सद्भाव से हल कर लिया जाए जिसके लिए 13 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। पिछले 70 सालों से मुस्लिम और हिंदू दोनों तरफ से कुछ धर्म गुरुओं और नेताओं ने इस विवाद को इतना गुढ़ बना दिया है कि आज दोनों ही समुदाय के लोग एक दूसरे की जान लेने के लिए आतुर हैं। देखने की बात यह है कि 1947 से लेकर आज तक जितने भी दंगे फसाद हुए उन्हें किसी भी धर्म के धर्मगुरु नेताओं या बड़े उद्योगपतियों का नाही जानमाल का कोई नुकसान हुआ है ना ही उनका कोई मरता है मरता है तो सिर्फ एक गरीब आदमी मरता है और अब समय आ गया है कि मुसलमान एकजुट होकर इस मसले को नया चित्त और प्रैक्टिकल ही हल ढूंढें।

बुद्धजीवियों से की जा रही चर्चा

गौरतलब है कि अयोध्या विवाद को सुलझाने के लिए अखिल भारतीय मुस्लिम फोरम की तरफ से यह पहल की गई है। फोरम के लोग बुद्धजीवियों के साथ चर्चा कर रहे हैं और उनका सिग्नेचर भी ले रहे हैं जिससे नतीजा निकल कर सामने आ गया है कि मुस्लिम समाज इस समय अपने हाथों में लेकर एकजुट अपनी राय का इजहार कर रहे हैं और माननीय सुप्रीम कोर्ट को अवगत कराना चाहते हैं कि उन्हें एक न्याय पूर्वक फैसला करने में आसानी हो सके।

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