बबलू हत्याकांड को अंजाम देने वाले वास्तविक शूटरों का नहीं मिला ‘नामो-निशान’, कुछतो श्रेय लेने की खातिर कर रहे कोशिश ‘तमाम’

वाराणसी। हाल फिलहाल के दिनों में क्राइम फ्रंट पर पुलिस क सामने सबसे बड़ी चुनौती ट्रांसपोर्टर और लेबर कांट्रेक्टर नितेश सिंह बबलू की हत्यााके रूप में सामने आयी है। सदर तहसील में दिनदहाड़े सरेआम दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर आराम से फरार हो जाते हैं और दो सप्ताह बाद भी पुलिस सिर्फ कयास तक सीमित है। घटनास्थल के आसपास से मिले कुछ सीसी फुटेज के आधार पर गैैर जनपद के कुछ चर्चित अपराधियों पर शक किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि उनकी मौजूदगी का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है लेकिन पिछले दिनों रही गतिविधियां शक के दायरे में ला रही हैं।खास यह कि एक तरफ पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची लेकिन दागदार दामन वाले कई चर्चित ‘चेहरे’ वारदात का क्रेडिट लेने की कोशिश कर रहे हैं।

बचाने को साख दिला रहे विश्वास

गौरतलब है कि माफिया डॉनमुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के बाद रेलवे समेत दूसरे सरकारी ठेके लेने के लिए कई विरोधी गुट साथ हुए थे। खुद को‘बाहुुबली’ दर्शाने वाले इन लोगों ने प्रयास भी किया गया लेकिन यूपी कालेज से छात्र राजनीति करने वालों ने भाव नहीं दिया। टेंडर डलने से रोकने वालों की जमकर पिटाई कर दी गयी। रही सही कसर लखनऊ में गुर्गो की टेंडर रोकने से पिटाई के चलते पूरी हो गयी। इस गुुट का मानना था कि पूूर्व छात्रों को बबलू ने शह दे रखी है। दशा यह हो गयी थी कि नाम पर टेंडर डालने के लिए ठेकेदार तक नहीं मिल रहे थे। ऐसे में बबलू की हत्या के बाद यह गुुट येन-केन प्रकारेण क्रेडिल लेने की कोशिश कर रहा है। अपने लोगों को विश्वास दिला रहे हैं कि विरोध करने वालों को इसी तरह रास्ते से हटा दिया जायेगा।

सुरक्षा को लेकर सहमा है परिवार

एक तरफ अपराध जगत में बबलू की हत्या को लेकर कहानियां गढ़ी जा रही है तो वहीं परिवार सुरक्षा को लेकर खासा सहमा है। शोक संवेदना व्यक्त करने आये दो राज्य मंत्रियों से यह बात बतायी भी गयी। आला अधिकारियों सेवार्ता कर आश्वस्त किया गया है कि जल्द ही बबलू के लाइसेंसी असलहों को उनके पुत्रों के नाम ट्रांसफर करा दिया जायेगा। तबतक पुलिस की तरफ से भी सुरक्षा मिलेगी। बावजूद इसके परिवार सदमे से नहीं उबर पा रहा हैै क्योंकि जब तक शूटरों के साथ साजिशकर्ता नही पकड़े जाये खतरा बरकरार रहेगा। मामला हाइप्रोफाइल होते देख पुलिस ने भी चुुप्पी साध रखी है।          

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