भदोही। कोइलरा गांव (गोपीगंज) में चार साल पहले बुजुर्ग दम्पति शीतला प्रसाद जायसवाल व उनकी पत्नी पार्वती देवी की ईंट पत्थर से सिर कंूच कर उसकी दूकान मे हत्या का मामला पुलिस के लिए बड़ा चैलेंज था। वजह, कुर्की के बावजूद आरोपित पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा था। एसपी सचिन्द्र पटेल ने अपराध पर अंकुश लगाने व पुरस्कार घोषित अपराधियो की गिरफ्तारी के क्रम में क्राइम ब्रान्च (स्वाट टीम) को विशेष दिशा निर्देश दिये गये थे। कप्तान की अपेक्षा पर खरी उतरती हुई टीम ने स्वाट प्रभारी अजय सिंह के नेतृत्व में छापेमारी के दौरान 10 हजारा इनामी राहुल को धर-दबोचा। खास यह कि इस मामले के दूसरे आरोपित अब भी जिला कारागार में निरुद्ध हैं जबकि राहुल पिछले चार सालों से पुलिस को छका रहा था। गिरफ्तार राहुल ने पूछताछ में स्वीकरा किया कि वारदात के बाद से वह शिमला व मुम्बई मे भाग कर रहता था और छोटा मोटा कार्य करके अपना जीविकोपार्जन करता था।

सटीक सूचना पर मिली सफलता

क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय सिंह को सूचना मिली थी कि चार सालों से फरार चल रहा इनामी राहुल किसी से मिलने की खातिर कोइलरा तिराहा आने वाला है। इस पर इंस्पेक्टर गोपीगंज सुनील वर्मा और दुर्गागंज प्रभारी छविनाथ के साथ वहां घेराबंदी कर ली गयी। पुलिस को देख संदिग्ध ने भागने की कोशिश की लेकिन पीछा कर धर-दबोचा गया। गौरतलब है कि जिसके फरारी के दौरान कोर्ट के आदेश केअनुपालन मे पुलिस ने 2015 मे कुर्की की कार्यवाही की थी। फरारी मे अभियुक्त के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित कर अभियुक्त की तलाश की जाती रही लेकिन इसके बावजूद भी न मिलने पर एसपी की तरफ से गिरफ्तारी के लिए 10 हजार रुपये का पुरस्कार घोषित किया गया था।

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