वाराणसी। प्राथमिक विद्यालय से शिक्षा लेने के बाद आईएएस बनने वाले जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह यहां पढ़ाने वाले शिक्षकों को लेकर सवेदनशील रहते हैं। चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल सभागार में आयोजित शिक्षा ग्रह कार्यक्रम के अंतर्गत जिले के प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्य की शैक्षिक उन्नयन विषयक कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रुप में उन्होंने प्रत्येक विकास खण्ड पर शिक्षक समाधान दिवस का आयोजन किये जाने का भी निर्देश दिया। साथ ही शिक्षा में गुणात्मक सुधार सुनिश्चित कराए जाने पर विशेष जोर देते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों पर प्री प्राइमरी कक्षाओं के संचालन व्यवस्था कराए जाने को कहा। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय में शिक्षा बच्चों का समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराए जाने के साथ ही उनके शिक्षा की गुणवत्ता का मूल्यांकन किये जाने का निर्देश दिया।

निजी विद्यालयों से प्रतिस्पर्धा पर जोर

डीएम ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों का स्तर निजी विद्यालयों के अध्यापकों के स्तर से बेहतर होता हैं,क्योंकि प्राथमिक विद्यालय के अध्यापकों का चयन प्रक्रिया उच्च स्तरीय होता हैं। फिर भी प्राथमिक विद्यालय के बच्चे निजी विद्यालयो के मुकाबले बेहतर क्यों नही आते? उन्होंने समय-समय पर सरकारी एवं प्राइवेट विद्यालयो के बच्चों का कॉम्पटीशन कराये जाने पर जोर दिया। उन्होंने बच्चों में प्रतिस्पर्धा के मानसिकता का विकास किये जाने के साथ ही इसके लिए उन्हें दिमागी रूप से तैयार किये जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को अच्छे-अच्छे प्रोजेक्ट दिखाये जाने पर भी जोर दिया। कार्यशाला में डीएम के अलावा सीडीओ गौरांग राठी, बीएसए सहित प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक आदि लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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