हिन्दू तिथि या त्योहार को लेकर बीएचयू में तैयार हुआ ‘टेबिल कैलेंडर’, वीसी ने किया ‘परिधावी’ का विमोचन

वाराणसी। धार्मिक नगरी काशी में भी हिन्दू त्योहारों और तिथियों को लेकर अक्सर संशय रहता है। समाधान के लिए लोग पंडित-पत्रा का सहारा लेते हैं। इसके समाधान की खातिर बीएचयू के वैदिक विज्ञान केन्द्र के द्वारा नवसंवत्सर ‘परिधावी’ ने तिथि पंजिका (टेबिल कैलेंडर) तैयार किया है। यह तिथि पंजिका अपने आप में कई मायने में अद्भुत है। इसे मुख्य रूप से तिथियों के आधार पर बारह महीनों के 24 पक्षों में बांटा गया है। प्रत्येक तिथि के साथ उसके समाप्ति काल को दिया गया है। मुख्य-मुख्य व्रत, त्यौहार तथा पर्वों को भी उन तिथियों के साथ दिया गया है। तिथियों के साथ अंग्रेजी दिनांक एवं वार का समन्वय होने से कोई सामान्य व्यक्ति (जिसे ज्योतिष की जानकारी नही है) भी इसे सहजतया समझ सकता है।

ग्रहण के साथ दूसरे पहलू भी समाहित

‘परिधावी’ में वर्ष में पड़ने वाले सूर्य ग्रहण तथा चन्द्रग्रहणों का भी वर्णन है। इस तिथि पंजिका के आकर्षणों में से वैदिक तथ्य भी मुख्य आकर्षण है, जहां हमारे भारतीय संस्कृति के मूल धरोहर वेदों में वर्णित विज्ञान के अगाध भण्डार के रत्नों को छोटे-छोटे चित्रों तथा मन्त्रों एवं उनके भावार्थ के माध्यम से दशार्या गया है। इसके प्रत्येक पृष्ठ पर वैदिक विज्ञान केन्द्र के मुख्य उद्देश्यों को दिया गया है। केन्द्र के समन्वयक डॉ0 उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इस तिथि पंजिका का उद्देश्य जन सामान्य को भारतीय संस्कृति तथा वैदिक विज्ञान के ज्ञान भण्डार से परिचित कराना है। मंगलवार को वीसी प्रो. राकेश भटनागर केन्द्र के संचालन समिति के सदस्य प्रो. हृदय रंजन शर्मा, प्रो. रमाशंकर दूबे, प्रो. अनिल त्रिपाठी, प्रो. उदय प्रताप शाही, प्रो. गिरिजाशंकर शास्त्री, प्रो. सदाशिव कुमार द्विवेदी, संस्कृतविद्या धर्मविज्ञान संकाय के संकायप्रमुख प्रो. चन्द्रमा पाण्डेय एवं वैदिक विज्ञान केन्द्र के समन्वयक डा. उपेन्द्र कुमार त्रिपाठी, सूचना जन सम्पर्क अधिकारी डा. राजेश सिंह आदि के संग इसका विमोचन किया।

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