विवादों में आ चुके क्राइम ब्रांच प्रभारी के साथ सर्विलांस इंचार्ज भी निलंबित, डकैती मामले में एसपी के तेवर सख्त

जौनपुर। दीपावली के बाद जंसा (वाराणसी) में दबिश के दौरान अधीनस्थों की जमकर पिटाई के समय नदारद रहना प्रभारी स्वाट इंस्पेक्टर विरेन्द्र कुमार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाने सरीखा था। बावजूद इसके एसपी ने उनका पुरजोर बचाव किया था। जोन स्तर पर आला अफसरों ने एक सप्ताह पहले थाना लाइनबाजार क्षेत्र स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के यहा डकैती की वारदात में जो जानकारियां मांगी वह भी नहीं मिली। एक करोड़ से अधिक की डकैती का मामला दर्ज हुआ लेकिन इसके अनावरण में सार्थक प्रयास करने के बदले सिर्फ जुबानी जमा-खर्च से काम चल रहा था। कर्तव्य पालन में लापारवाही एवं आरोप में प्रभारी स्वाट निरीक्षक विरेन्द्र कुमार व प्रभारी सर्विलांस एसआई ओम नारायण सिंह को एसपी रविशंकर छवि ने तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया है। माना जा रहा है कि जल्द इस मामले में कुछ अन्य पर गॉज गिर सकती है।

प्रयास रहे नाकाफी या चेहरा बचाने की कोशिश

गौरतलब है कि 31 अक्टूबर को रात करीब नौ बजे तीन बाइक पर सवार आधा दर्जन नकाबपोश डकैतों ने ज्वेलरी शॉप से एक करोड़ से अधिक की लूट की थी। एसपी आफिस से कुछ दूरी पर वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने विरोध करने पर प्रतिष्ठान के मालिक सुरेश सेठ के सिर पर तमंचे की मुठिया से वार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने के बाद डकैत ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। आईजी खुद तीन दिनों तक वहीं कैंप किये जबकि एडीजी ने जोन की पुलिस टीमें खुलासे के लिए लगाया था। दबिश और संदिग्धों से पूछताछ के दावों के बावजूद अब तक डकैतों के बाबत अहम सुराग तक न मिलने पर पुलिस की किरकिरी होने लगी थी। गुरुवार देर रात एसपी ने क्राइम ब्रांच के स्वॉट व सर्विलांस प्रभारी के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई कर दूसरों को चेता दिया है।

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