चौथी बार टला नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय का कोर्ट में समर्पण, इस दफा यह रहा कारण

वाराणसी। घोसी से नवनिर्वाचित सांसद अतुल राय को जीते एक माह होने को है लेकिन अब तक उनकी झलक तक किसी को नहीं मिल सकी है। वजह, दुष्कर्म के मामले में आरोपित होने के चलते वह चुनाव के समय से फरार चल रहे हैं। अतुल राय ने राहत पाने के लिए सुप्रीम कोर्ट तक दरवाजा खटखटाया था लेकिन बाद वह वह न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) की अदालत में प्रार्थनापत्र दिये। गुरुवार को उनके आत्मसमर्पण के लिए तिथि निर्धारित थी लेकिन वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन के चलते वकील न्यायिक कार्य से विरत थे। अतुल राय की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने प्रभारी न्यायिक मजिस्टेÑट की अदालत में प्रार्थनापत्र देकर न्यायिक कार्य से विरत होने का वास्ता देते हुए कोई अन्य तिथि निर्धारित करने का अनुरोध किया। इस पर कोर्ट ने शनिवार 22 जून की तिथि आत्मसमर्पण के लिए नियत की है।

यूपी कालेज की पूर्व छात्रा ने दर्ज कराया है मामला

गौरतलब है कि अतुल राय इस लोकसभा चुनाव में सपा-बसपा गठबंधन की तरफ से घोसी से प्रत्याशी थे। बसपा प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल करने के बाद मूल रूप से गाजीपुर की रहने वाली यूपी कालेज की एक छात्रा ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। पुलिस ने रपट नहीं दर्ज की थी जिस पर पीड़िता ने डीजीपी ओपी सिंह के यहा गुहार लगायी। लंका थाने में मामला दर्ज होने के बाद से अतुल राय फरार चल रहे हैं। पूरे चुनाव प्रचार के दौरान उनकी तरफ से बसपा सुप्रीमो मायावती से लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने वोट मांगे थे लेकिन वह नहीं दिखा। अलबत्ता बड़ी जीत हासिल करने के बाद उन्होंने कानूनी पहलुओं पर ध्यान दिया है। इससे पहले भी उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में समर्पण का प्रार्थनापत्र दिया था।

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