वाराणसी। आम लोगों की पीड़ा उन्ही की बोली में प्रस्तुत करने वाले जनकवि सुदामा पाण्डेय ‘धूमिल’ की 82 वी जयन्ती उनके पैतृक गांव खेवली में धुमधाम से मनायी गयी। कार्यक्रम का आयोजन धूमिल स्मृति शोध संस्थान के तत्वाधान में किया गया। इसमें हिन्दी साहित्य से जुड़े तमाम विद्वान गण सामाजिक कार्यकर्ता, ग्रामीण, धूमिल जी के परिवार के सदस्यगण और बड़ी तादात में बच्चे शामिल हुए। जिसमें मुख्य रूप से मुख्यअतिथि डॉ उदय प्रताप सिंह (अध्यक्ष हिन्दुस्तान अकादमी इलाहाबाद), विशिष्ट अतिथि डा.ओम धीरज (प्रशासनिक अधिकारी व कवि), प्रो. श्रद्धानन्द (अध्यक्ष हिंदी विभाग महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ),लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ,प्रो. दीपक शर्मा , दीपक उपाध्याय, मोहन कुमार झा (हिंदी विभाग काशी हिन्दू विश्वविद्यालय),डा.सदानन्द सिंह व डा. रामसुधार सिंह (प्रवक्ता हिंदी विभाग उदय प्रताप महाविद्यालय), उदय प्रताप सिंह, देवी शंकर सिंह,,डा0वाचस पति, रामेश्वर त्रिपाठी,आचार्य पंकज,असलम हाफिज,वीरेंद्र मिश्र,धीरेन्द्र सिंह आदि लोगो ने ‘दूसरे प्रजातंत्र की तलाश और धूमिल’ विषयक संगोष्ठी में अपने विचार रखते हुए धूमिल के स्मृतियों को भी याद किया और सभी ने धूमिल के अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।

स्मारक न बनने पर जताया रोष

गांव में जुटे सभी साहित्यकार, कवि और विद्वानों ने धूमिल के गांव खेवली में सरकार से बार बार आग्रह करने के बावजूद धूमिल स्मारक न बनाने पर रोष जाहिर किया। इस अवसर पर गांव के मेधावी छात्र विकास कन्नौजिया को धूमिल गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में धूमिलजी के परिवार के लोगों में उनकी धर्मपत्नी मुरता देवी,उनके भाई कन्हैया पाण्डेय,उनके सुपुत्र रत्न शंकर पाण्डेय व आनंद पाण्डेय व अन्य परिवार के सदस्य भी शामिल हुए। इस अवसर पर प्राइमरी विद्यालय खेवली के बच्चों और बच्चियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दिया और उनके द्वारा बनाये गए पर्यावरण संरक्षण पोस्टर प्रदर्शनी लगाया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष,लौटनराम, अनिल पटेल,वीरेंद्र मिश्र,संजीव सिंह,कमल ,सुरेश,रत्न शंकर पाण्डेय आदि साथियों का सहयोग सराहनीय रहा।

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