वाराणसी। केन्द्र की भाजपा सरकार की अगुवाई करने वाले पीएम मोदी उनके सांसद है। सूबे में अपनी सरकार होने के साथ जिले के सभी विधायक भाजपा या सहयोगी पार्टियों के हैं। नगर पालिका में आधे सभासद तो हैं साथ ही जिस मुद्दे पर विरोध जताया जा रहा था उस पर दो तिहाई धरना दे रहे थे। बावजूद इसके भाजपाई सभासदों की मांग अनसुनी कर दी गयी। समूचे प्रकरण को लेकर स्थानीय विधायक सौरभ श्रीवास्तव को लेकर खासी नाराजगी थी। इसकी भनक मिलने पर वह पहुंचे और मान मनौव्वल का नाटक चला। विधायक के मनाने पर 48 घंटे बाद सभासदों का धरना समाप्त हो गया लेकिन तय हुआ है कि शुक्रवार को बोर्ड की फिर से मीटिंग होगी जिसमें विधायक भी मौजूद रहेंगे। चर्चाओं की माने तो दो बार की चेयरमैन रेखा शर्मा ने सबकुछ ‘मैनेज’ कर लिया है। दिखावे के लिए कुछ भी हो लेकिन होगा वही जो चेयरमैन चाहेंगी। स्थानीय सभासद लाख चाहे लेकिन ‘ऊपर’ सब कुछ तय हो चुका है।

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निकला था जुलूस, फूंके थे पुतले

विधायक के आश्वासन पर धरना समाप्त होने से पूर्व दोपहर बाद सभासदों ने नगरपालिका परिषद से जुलूस निकाला और रामनगर चौराहे पर अधिशासी अधिकारी अमिता सिंह व नगरपालिका अध्यक्ष रेखा शर्मा के खिलाफ नारेबाजी के बीच पुतला फूंका। खास यह कि कैंट विधायक ने रेफरी की भूमिका में रहे और दोनों पक्षो को समझाने के बाद बोर्ड की आगामी बैठक 12 जनवरी को तय की। दोनों पक्षों की सहमति के बाद सोमवार शाम ही सभासदों को शुक्रवार को होने वाली अगली बोर्ड बैठक के संदर्भ में एजेंडा दे दिया गया।

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थाने में लगायी सुरक्षा की गुहार

नए एजेंडे के मुताबिक शुक्रवार की बैठक दोपहर 3 बजे होगी जिसमें नाम इंद्राज की पत्रावलियों,जल कनेक्शन वितरण विषय के साथ ही सभासद संतोष शर्मा द्वारा लाये गए विशेष प्रस्ताव पर चर्चा होगी। इस बीच मामले में उस समय नया मोड आ गया जब धरना देने वाले सभासदों में एक ने थाने में तहरीर देकर धमकाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रिपोर्ट तो नहीं दर्ज की लेकिन जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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