लखनऊ। तीन सप्ताह पहले इलाहबाद में दिनदहाड़े अधिवक्ता राजेश श्रीवास्तव की दुस्साहसिक ढंग से हुई हत्या के बाद जनकर बवाल हुआ था। विरोध-प्रदर्शन के दौरान बसों के साथ कई वाहनों में आग लगा दी गयी थी। वारदात उस समय हुई थी जब प्रदेश पुलिस के मुखिया ओपी सिंह खुद वहां मौजूद थे। तत्कालीन एसएसपी एसएसपी आकाश कुलहरि को हटाने के साथ मामले को दबाने का प्रयास किया गया लेकिन शूटरों की गिरफ्तारी एक बड़ी चुनौती थी। इलाहाबाद पुलिस पूरा जोर लगाने के बाद शूटरों का सुराग नहीं ढूंढ सकी थी जिस पर एडीजी एलओ आनंद कुमार ने गिरफ्तारी का टास्क एसटीएफ की वाराणसी यूनिट को सौंपा था। हमेशा की तरह विश्वास पर खरा उतरते हुए टीम ने वारदात को अंजाम देने वाले शमशाद व मोहम्मद राईस के अलावा विशाल विश्वकर्मा को धर-दबोचा। खास यह कि तीनों शूटर कोतवाली प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। पूछताछ में तीनों ने कबूल किया कि तीन लाख रुपये के एवज में उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था। बहरहाल सनसनीखेज वारदात का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने के साथ प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गयी है।

भूसे के ढेर में सुई तलाशने सरीखा था टास्क

आईजी एसटीएफ अमिताभ यश व एसएसपी अभिषेक सिंह से मिले निर्देश पर एसटीएफ वाराणसी के एएसपी एस आनंद व डिप्टी एसपी विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में सूचना संकलन के टीम गठित की गयी थी। शूटर बाहर से बुलाये गये थे और सुपारी देन ेवाले से सम्पर्क नहीं था। ऐसे में सर्विलांस के साथ जमीनी स्तर पर सूचना संकलने के लिए तेजतर्रार इंस्पेक्टर शैलेश प्रताप सिंह, विपिन राय, पुनीत परिहार,अमित श्रीवास्तव को लगाया गया था। सटीक सूचना पर सोरांव के पास मुठभेड़ में तीनों को दबोचा गया। घटना में प्रयुक्त बाइक व तमंचे उनके पास से मिले। तीनों के मोबाइल ने पूरी कहानी खोल दी जिसमें वारदात के समय मौके पर मौजूदगी से लेकर सुपारी तय होने तक का ब्योरा था।

अधिवक्ताओं ने जताया आभार, करेंगे सम्मानित

साथी के हत्यारों की गिरफ्तारी की सूचना इलाहाबाद व वाराणसी के अधिवक्ताओं को हुई तो उन्होंने ने एक स्वर से एसटीएफ को धन्यवाद दिया। साथ ही बार में एसटीएफ को सम्मानित करने की बात कही। इनमें सेंट्रल बार के अध्यक्ष प्रभुनाथ पाण्डे,बनारस बार के अध्यक्ष नरेंद्र श्रीवास्तव, महामंत्री सेंट्रल बार संजय सिंह दाढ़ी व महामंत्री बनारस बार रजनीश मिश्रा,अमर नाथ शर्मा,भूपेंद्र प्रताप सिंह,रविकांत दुबे,शिवाकांत दुबे,सुजीत पाण्डे,प्रभाशंकर मिश्रा,नित्यानंद राय, अजय शर्मा,रतन प्रकाश राय सहित तमाम अधिवक्ता शामिल थे।

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