वाराणसी। इलाज कराने के नाम पर बीआरडी मेडिकल कालेज गोरखपुर से फरार कुख्यात 50 हजारा इनामी शातिर अपराधी शाका पाण्डेय उर्फ बीरू को एसटीएफ की स्थानीय यूनिट ने इंस्पेक्टर शैलेश सिंह के नेतृत्व में मुठभेड़ के दौरान धर-दबोचा। मुठभेड़ के दौरान शाका का दूसरा साथी नितेश सिंह फरार होने में सफल रहा। शाका पाण्डेय ने कबूल किया कि पुलिस अभिरक्षा के दौरान फरार होकर हरिद्वार एवं दिल्ली में छुपकर रह रहा था। अपराधी पंकज से पूर्व विवाद के कारण उसको मारने के लिये दिल्ली से चलकर वाराणसी में अपने एक साथी को लेकर देवरिया जाने वाला था कि वाराणसी में पुलिस मुठभेड में धर-दबोचा गया।

पिता की हत्या के बाद कूदा अपराध जगत में

गिरफ्तार शाका ने बताया कि उसके पिता की वर्ष 2000 में हत्या के बाद वह शातिर अपराधी पंकज सिंह निवासी भईया फुलवरिया भलुवनी (देवरिया) के सम्पर्क में आकर लूट आदि अपराधिक वारदात करने लगा। शाका 2017 में जेल चला गया और मई 2018 में जेल से छूटने के उपरान्त जनपद गोपालगंज (बिहार) के बघौच घाट के पास से डेढ लाख रुपए की लूट की ओर एक व्यक्ति को गोली मारकर घायल कर दिया था। इसके बाद उसी दिन बघौच घाट बाजार के पास स्थित एक पेट्रोल पम्प पर लूट की घटना को अंजाम दिया था। अपराधी नितेश सिंह के कहने पर 17 अगस्त को गोपालगंज में ही किसी व्यक्ति की हत्या करने जा रहा था तो चुनकी घाट (देवरिया) में पुलिस चेकिंग के दौरान पुलिस मुठभेड हो गयी, जिसमें वह घायल हो गया तथा पुलिस का कांसटेबिल भी घायल हो गया। उसका साथी नितेश सिंह फरार हो गया था।

admin

No Comments

Leave a Comment